Lippi Systems Limited के प्रमोटर-अक्वायरर ग्रुप ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर **50.99%** कर ली है। ऑफ-मार्केट ट्रांजैक्शन और ओपन ऑफर के जरिए कंपनी के कुल **86,107** अतिरिक्त शेयर खरीदे गए हैं, जिससे प्रमोटर्स को अब कंपनी पर बहुमत का नियंत्रण मिल गया है।
प्रमोटर्स के पास अब बहुमत (Majority Control)
Lippi Systems Limited ने SEBI (Substantial Acquisition of Shares and Takeovers) Regulations, 2011 के तहत फाइलिंग में जानकारी दी है कि प्रमोटर ग्रुप ने अपनी होल्डिंग को 49.77% से बढ़ाकर 50.99% पर पहुँचा दिया है।
इस अधिग्रहण के बाद प्रमोटर्स के पास अब कुल 35,68,969 शेयर हो गए हैं, जो पहले 34,83,862 थे।
कैसे हुई यह खरीदारी?
कंपनी के अनुसार, यह खरीदारी दो चरणों में हुई है:
- 85,107 इक्विटी शेयर ऑफ-मार्केट ट्रांजैक्शन के जरिए 15 सितंबर, 2026 को खरीदे गए।
- 1,000 शेयर ओपन ऑफर प्रक्रिया के माध्यम से हासिल किए गए, जिसका भुगतान 10 अगस्त, 2026 को किया गया था।
निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?
50% का आंकड़ा पार करना एक बड़ा बदलाव माना जाता है। अब प्रमोटर्स के पास कंपनी में बहुमत वोटिंग कंट्रोल आ गया है। इसका मतलब यह है कि साधारण बहुमत (Ordinary Majority) से पास होने वाले प्रस्तावों पर अब प्रमोटर ग्रुप का सीधा प्रभाव रहेगा। हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह केवल शेयरहोल्डिंग का बदलाव है और इससे फिलहाल ऑपरेशनल या बिजनेस के ढांचे में कोई बदलाव नहीं आया है।
अब आगे क्या?
भविष्य में निवेशकों को बोर्ड की संरचना, गवर्नेंस में आने वाले बदलावों और किसी भी बड़े कॉर्पोरेट एक्शन पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
