Lippi Systems ने अपने प्रमोटर ग्रुप को **65 लाख** कन्वर्टिबल इक्विटी वारंट जारी किए हैं। इस डील के जरिए कंपनी को **₹9.24 करोड़** का फंड तुरंत मिला है, जो कि कुल **₹36.95 करोड़** के ट्रांजैक्शन का **25%** हिस्सा है।
प्रमोटर्स का भरोसा बढ़ा
कंपनी ने 65,00,000 कन्वर्टिबल वारंट्स जारी करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। SEBI के नियमों के मुताबिक, कंपनी ने कुल इश्यू प्राइस का 25% यानी ₹9.24 करोड़ की राशि एडवांस में प्राप्त कर ली है। यह कदम जून में शेयरधारकों की मंजूरी और अगस्त में BSE से मिली इन-प्रिंसिपल अप्रूवल के बाद उठाया गया है।
डील की बारीकियां
इन वारंट्स को ₹56.84 प्रति यूनिट के भाव पर अलॉट किया गया है। हर वारंट धारक के पास अगले 18 महीनों के भीतर कंपनी के एक इक्विटी शेयर (फेस वैल्यू ₹10) को सब्सक्राइब करने का विकल्प होगा। बाकी का 75% हिस्सा, यानी करीब ₹27.71 करोड़, प्रमोटर्स को कन्वर्जन के समय चुकाना होगा।
किन्हें मिले वारंट?
अलॉटमेंट प्रमोटर ग्रुप के इन पांच सदस्यों के बीच बांटा गया है:
- विनेश शिवजी ढोलू: 19,50,000 वारंट
- जगदीश शिवजी ढोलू: 19,50,000 वारंट
- शिवजी करमराशी ढोलू: 6,50,000 वारंट
- जागृति विनेश ढोलू: 9,75,000 वारंट
- पारुल जगदीश ढोलू: 9,75,000 वारंट
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to watch)
मौजूदा शेयरधारकों के लिए सबसे बड़ा रिस्क इक्विटी डाइल्यूशन का है, जो वारंट्स के शेयरों में बदलने के बाद होगा। अगर 18 महीने की अवधि में इन वारंट्स का कन्वर्जन नहीं होता है, तो ये लैप्स हो जाएंगे और जमा किया गया 25% फंड कंपनी के पास जब्त हो जाएगा। अब देखना यह होगा कि कंपनी इस फंड का इस्तेमाल ग्रोथ के लिए कैसे करती है।
