Lippi Systems में बड़ा मैनेजमेंट बदलाव हुआ है। Dholu परिवार ने कंपनी में **49.76%** हिस्सेदारी खरीदकर कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया है। अब कंपनी का नाम बदलकर Neelkanth Resources रखा जा रहा है और इसका फोकस पूरी तरह माइनिंग और मिनरल प्रोसेसिंग पर शिफ्ट हो रहा है।
मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव और नई रणनीति
Dholu परिवार ने ₹20.28 करोड़ की डील के जरिए Lippi Systems की 49.76% हिस्सेदारी हासिल कर ली है। ओपन ऑफर के तहत कंपनी के 34,82,862 शेयर ₹56.84 प्रति शेयर के भाव पर खरीदे गए हैं। इस अधिग्रहण के बाद पुराने मैनेजिंग डायरेक्टर और अन्य निदेशकों ने इस्तीफा दे दिया है।
अब क्या होगा कंपनी का काम?
कंपनी ने अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में बदलाव करते हुए अब आयरन ओर, कोल और कॉपर जैसे इंडस्ट्रियल मिनरल्स की माइनिंग और ट्रेडिंग का रास्ता साफ कर लिया है। यह बदलाव कंपनी के बिजनेस मॉडल में एक बड़ा स्ट्रक्चरल शिफ्ट है। कंपनी अब पूरी तरह एक नई पहचान के साथ काम करेगी।
गवर्नेंस और बोर्ड अपडेट
बोर्ड का पूरी तरह से पुनर्गठन (Reconstitution) किया गया है। नए प्रमोटर्स ने कंपनी के वैधानिक, सेक्रेटेरियल और इंटरनल ऑडिटर्स को भी बदल दिया है। अब ऑडिट और रेम्यूनरेशन जैसी प्रमुख कमेटियों की कमान नए चेयरमैन Jaimish Patel के हाथों में है। पुराने प्रमोटर्स, जिनके पास अब महज 1.93% हिस्सेदारी बची है, उन्होंने खुद को 'पब्लिक' कैटेगरी में रीक्लासिफाई करने की मांग की है।
निवेशकों के लिए जोखिम और आगे क्या?
हालांकि नई शुरुआत उत्साहजनक है, लेकिन माइनिंग सेक्टर में माइनिंग लाइसेंस और सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करना एक बड़ी चुनौती हो सकती है। निवेशकों को कंपनी के नए प्रोजेक्ट पाइपलाइन और नाम परिवर्तन (Registrar of Companies से मंजूरी) पर पैनी नजर रखनी चाहिए। एग्जीक्यूशन और रेगुलेटरी अनुपालन आने वाले समय में कंपनी की सफलता के लिए सबसे महत्वपूर्ण होंगे।
