Lasa Supergenerics ने अपनी 11वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) का ऐलान कर दिया है, जो **30 सितंबर, 2026** को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। इस मीटिंग में नए एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर की नियुक्ति और एक विवादित बाहरी लोन को चुकाने के लिए फंड जुटाने जैसे बड़े एजेंडे पर चर्चा होगी।
बोर्ड में फेरबदल और नई नियुक्तियां
कंपनी अपनी गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए जनार्दन सवाला को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर 5 साल के लिए नियुक्त करने जा रही है, जो 26 अगस्त, 2026 से प्रभावी होगा। साथ ही, ओमकार हेरलेकर को बोर्ड में फिर से नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा, कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 से 2030 तक के लिए शिवम शर्मा एंड एसोसिएट्स को सेक्रेटेरियल ऑडिटर के रूप में नियुक्त करने का निर्णय लिया है।
कर्ज का संकट और विवादित लोन
कंपनी ने फंड जुटाने की नई सीमाओं को मंजूरी देने का प्रस्ताव दिया है, जिसका मुख्य उद्देश्य एक विवादित एक्सटर्नल लोन का निपटारा करना है। यह मामला कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती है क्योंकि इसके लिए उन्हें मौजूदा कैपिटल और रिजर्व से ज्यादा उधारी लेने की जरूरत पड़ सकती है। इसके साथ ही, कंपनी ने प्रॉफिट न होने की स्थिति में भी ₹3 करोड़ सालाना की मैनेजरियल रेम्यूनरेशन की मंजूरी मांगी है।
चैरिटी और दान को लेकर नई पहल
AGM में शेयरहोल्डर्स से ₹2 करोड़ तक के सालाना चैरिटेबल दान को मंजूरी देने को कहा गया है, जिसमें डॉ. ओमकार हेरलेकर फाउंडेशन को दी जाने वाली राशि भी शामिल है। यह बोर्ड को नेट प्रॉफिट की सामान्य सीमा से परे जाकर दान देने की छूट देगा।
निवेशकों के लिए अहम जानकारी
कंपनी के रजिस्टर ऑफ मेंबर्स और शेयर ट्रांसफर बुक्स 23 सितंबर से 29 सितंबर, 2026 तक बंद रहेंगे। निवेशकों को सुझाव है कि वे ई-वोटिंग प्रक्रिया पर नजर रखें और विवादित कर्ज को सुलझाने की कंपनी की रणनीति को बारीकी से समझें।
