Landmark Global Learning Limited ने अपना FY 2025-26 का एनुअल रिपोर्ट जारी किया है। कंपनी मुनाफे से सीधे घाटे में आ गई है। कंपनी ने इसके लिए ग्लोबल इमिग्रेशन पॉलिसी में आए बदलावों को जिम्मेदार ठहराया है।
मुनाफे से घाटे का सफर
कंपनी के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का नेट लॉस ₹7.31 करोड़ दर्ज किया गया है, जबकि पिछले साल कंपनी ₹13.13 करोड़ के फायदे में थी। रेवेन्यू में भी भारी गिरावट देखी गई है, जो घटकर ₹18.31 करोड़ रह गया है, जबकि पिछले साल यह ₹37.58 करोड़ था। साथ ही, कंपनी का कुल खर्च बढ़कर ₹28.49 करोड़ हो गया है।
क्यों आई गिरावट?
इमिग्रेशन पॉलिसी में सख्ती और वीजा नियमों में बदलाव का सीधा असर कंपनी के कंसल्टेंसी बिजनेस पर पड़ा है। खासकर कनाडा जैसे प्रमुख मार्केट्स में नियमों के कड़े होने से स्टूडेंट वॉल्यूम में कमी आई है, जिसने कंपनी की टॉप-लाइन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
AGM और बोर्ड अपडेट
अब निवेशकों की नजर 30 सितंबर, 2026 को होने वाली 16वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर है। यहाँ कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर Jasmeet Singh Bhatia की फिर से नियुक्ति और पूरे डायरेक्टर्स की सैलरी से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा होगी।
आगे की राह
निवेशकों को अब यह देखना होगा कि कंपनी अपने बिजनेस को कैसे डाइवर्सिफाई करती है और इमिग्रेशन से जुड़ी चुनौतियों के बीच ऑपरेटिंग खर्चों को कैसे कंट्रोल करती है। AGM के दौरान लीडरशिप से रिकवरी प्लान पर जवाब मांगना निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होगा।
