LS Industries Ltd ने FY 2025-26 के लिए अपने नतीजों का ऐलान किया है। कंपनी का नेट लॉस घटकर **₹1.03 करोड़** रह गया है, लेकिन कामकाज बंद होने और SEBI की जांच के कारण निवेशकों की मुश्किलें बरकरार हैं।
फाइनेंशियल अपडेट
कंपनी के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर राहत और संकट का मिश्रण रहा है। जहां FY 2024-25 में कंपनी को ₹20.55 करोड़ का बड़ा नुकसान हुआ था, वहीं FY 2025-26 में यह घटकर ₹1.03 करोड़ पर आ गया है। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी पिछले साल के ₹4.79 करोड़ से बढ़कर ₹6.22 करोड़ रही है। हालांकि, चिंता की बात यह है कि कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स अभी भी पूरी तरह से बंद हैं।
क्यों बढ़ी निवेशकों की परेशानी?
LS Industries के लिए संकट केवल कामकाज बंद होने तक सीमित नहीं है। 9 दिसंबर 2025 से ही BSE पर कंपनी के शेयर ट्रेडिंग सस्पेंशन मोड में हैं। कंपनी पर PFUTP नियमों के उल्लंघन को लेकर SEBI की जांच चल रही है, जिसने कानूनी अनिश्चितता को और गहरा कर दिया है।
गवर्नेंस और कानूनी लफड़े
सेक्रेटेरियल ऑडिट रिपोर्ट ने कंपनी में बड़े गवर्नेंस फेल्योर की ओर इशारा किया है। इनमें मुख्य रूप से:
- इंटरनल ऑडिटर की नियुक्ति न करना।
- जरूरी स्टैच्यूटरी फाइलिंग में देरी।
- SEBI LODR नियमों का उल्लंघन, जिसमें बोर्ड कंपोजिशन से जुड़ी खामियां शामिल हैं।
- स्क्रिप्ट 514446 को लेकर जारी SEBI की जांच।
अब आगे क्या?
कंपनी 30 सितंबर 2026 को होने वाली अपनी AGM में मेमोरेंडम और आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में बदलाव का प्रस्ताव रखेगी। इसके साथ ही, Robochef Agritech Private Limited को ₹1 करोड़ का लोन देने और अन्य कॉरपोरेट निकायों में निवेश की सीमा बढ़ाने पर भी चर्चा की जाएगी। मैनेजमेंट का दावा है कि वे नई कंप्लायंस फ्रेमवर्क पर काम कर रहे हैं, लेकिन असली परीक्षा कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग शुरू करने और SEBI की जांच के नतीजे पर टिकी है।
