LG Electronics India को कस्टम्स विभाग से ₹1.06 करोड़ का झटका लगा है। कंपनी के 'कमर्शियल साइनेज डिस्प्ले' के आयात वर्गीकरण (Import Classification) पर सवाल उठाते हुए विभाग ने 0% ड्यूटी के दावे को खारिज कर दिया है।
विभाग ने वर्गीकरण बदला, बढ़ी देनदारी
मुंबई में कस्टम्स विभाग के प्रिंसिपल कमिश्नर ने 30 अक्टूबर, 2026 को यह 'ऑर्डर-इन-ओरिजिनल' जारी किया है। विवाद मुख्य रूप से कंपनी द्वारा इंपोर्ट किए गए 'कमर्शियल साइनेज डिस्प्ले' के वर्गीकरण (Classification) को लेकर है। अब तक कंपनी इसे CTH 85285200 के तहत ला रही थी, जिस पर 0% बेसिक कस्टम्स ड्यूटी (BCD) लगती थी।
गणित क्या है?
कस्टम्स विभाग ने इस वर्गीकरण को बदलकर CTH 85285900 कर दिया है, जिस पर 10% BCD और 28% IGST लागू होता है। इस बदलाव के चलते 17 फरवरी, 2024 के बिल ऑफ एंट्री पर ₹0.61 करोड़ की अतिरिक्त ड्यूटी (Differential Duty) की मांग की गई है। इसके अलावा, ₹0.40 करोड़ का रिडेम्पशन फाइन और ₹0.05 करोड़ की पेनल्टी लगाई गई है, जिससे कुल देनदारी ₹1.06 करोड़ तक पहुँच गई है।
आगे क्या करेगी कंपनी?
फिलहाल LG Electronics India इस आदेश के वित्तीय और कानूनी प्रभावों की समीक्षा कर रही है। कंपनी का इशारा है कि वे इस फैसले को चुनौती देने के लिए किसी उच्च अपीलीय मंच (Higher Appellate Forum) में अपील दायर कर सकते हैं। शेयरधारकों की नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या कंपनी कानूनी रास्ता चुनकर इस पेनल्टी पर रोक लगवाने में सफल होती है या नहीं।
