Kusumgar Ltd ने अपनी 'ESOP 2024' स्कीम को पोस्टल बैलेट के जरिए पास करा लिया है। जहां प्रमोटर ग्रुप ने इसे पूरा समर्थन दिया, वहीं पब्लिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने **87%** से अधिक वोट 'ना' में डालकर इस फैसले पर अपनी असहमति जताई है।
क्या हुआ बड़ा बदलाव?
18 सितंबर, 2026 को कंपनी ने पोस्टल बैलेट के नतीजे घोषित किए, जिसके बाद 'Kusumgar ESOP 2024' स्कीम को आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। इस स्कीम के तहत कंपनी अपने कर्मचारियों को स्टॉक ऑप्शंस देगी। प्रमोटर ग्रुप ने इस प्रस्ताव के पक्ष में 100% वोटिंग की, जिससे यह आसानी से पास हो गया।
क्यों है यह चर्चा में?
यह फैसला कंपनी की टैलेंट रिटेंशन रणनीति का हिस्सा है, लेकिन वोटिंग डेटा ने एक गहरी खाई उजागर की है। पब्लिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने इस पॉलिसी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिसका प्रमाण 87.2% का भारी विरोध है। यह स्पष्ट करता है कि संस्थागत निवेशक कंपनी के वर्तमान मुआवजे के ढांचे से खुश नहीं हैं।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to Watch)
अल्पसंख्यक शेयरधारकों (Minority Shareholders) के लिए मुख्य चिंता इक्विटी डाइल्यूशन की है। जैसे-जैसे ये ऑप्शंस एक्सरसाइज किए जाएंगे, शेयर की संख्या बढ़ेगी। संस्थागत विरोध यह भी संकेत देता है कि भविष्य में कंपनी के गवर्नेंस और मैनेजमेंट इंसेंटिव्स को लेकर विवाद बढ़ सकते हैं।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को अब कंपनी की उन डिस्क्लोजर रिपोर्टों पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए, जिनमें ऑप्शंस की संख्या, स्ट्राइक प्राइस (Strike Price) और वेस्टिंग शेड्यूल (Vesting Schedule) की जानकारी दी जाएगी।
