Kuber Udyog Ltd के शेयरों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अजय दत्ता ने प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए कंपनी में **16.18%** की बड़ी हिस्सेदारी खरीद ली है, जिससे कंपनी के मालिकाना हक और वोटिंग स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव आया है।
क्या हुआ बदलाव?
SEBI के टेकओवर रेगुलेशंस के तहत दी गई जानकारी के मुताबिक, 28 अक्टूबर, 2026 को अजय दत्ता ने 1,90,71,250 इक्विटी शेयर और 2,25,000 वारंट्स का अधिग्रहण किया है। इस डील के साथ ही कंपनी में उनकी कुल हिस्सेदारी बढ़कर 16.18% हो गई है।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
रिटेल निवेशकों के लिए यह एक बड़ी हलचल है। शून्य होल्डिंग से सीधे डबल डिजिट में हिस्सेदारी हासिल करना यह दर्शाता है कि एक्वायरर (Acquirer) की कंपनी में गहरी दिलचस्पी है। प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट का उपयोग अक्सर कंपनियां फंड जुटाने या रणनीतिक पार्टनर्स को साथ लाने के लिए करती हैं।
कंपनी का नया कैपिटल स्ट्रक्चर
इस अलॉटमेंट के बाद Kuber Udyog की कुल इक्विटी शेयर कैपिटल ₹1,19,26,80,000 हो गई है, जिसमें 11,92,68,000 शेयर शामिल हैं (फेस वैल्यू ₹10 प्रति शेयर)। वारंट्स के कन्वर्जन को जोड़ने के बाद कुल डायल्यूटेड कैपिटल ₹1,22,96,80,000 तक पहुंच गई है। सभी नए जारी किए गए शेयर मौजूदा शेयरों के समान अधिकार (Pari-passu) रखते हैं, जिसका मतलब है कि इन पर डिविडेंड का भी पूरा हक होगा।
अब आगे क्या देखें?
निवेशकों को अब कंपनी की ओर से आने वाली नई फाइलिंग्स पर नजर रखनी चाहिए, जिससे यह साफ हो सके कि क्या मैनेजमेंट या बोर्ड की संरचना में कोई बदलाव होता है। साथ ही, कंपनी इस नए फंड का इस्तेमाल ऑपरेशनल विस्तार के लिए कैसे करती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
