सितंबर 2026 तिमाही में Krishna Filament Industries की हालत खराब रही। कंपनी का कुल रेवेन्यू शून्य रहा और उसे नेट लॉस झेलना पड़ा। साथ ही, BSE ने नियमों के उल्लंघन पर कंपनी पर भारी जुर्माना भी लगाया है।
मुनाफे से नुकसान की ओर
सितंबर 2026 में खत्म हुई तिमाही के दौरान कंपनी की परफॉर्मेंस काफी निराशाजनक रही। कंपनी ने इस अवधि में ₹0.0225 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है, जबकि पिछली तिमाही में कंपनी को ₹0.0975 करोड़ का नेट प्रॉफिट हुआ था। सबसे चिंताजनक बात यह है कि कंपनी की कुल इनकम इस तिमाही में शून्य (Nil) रही, जबकि कुल खर्च ₹0.0225 करोड़ के आसपास रहा, जिसमें एम्प्लॉई बेनिफिट और अन्य ऑपरेशनल लागत शामिल है।
छह महीने की अवधि (हाफ-ईयर) की बात करें, तो कंपनी ने ₹0.12 करोड़ की इनकम पर ₹0.075 करोड़ का नेट प्रॉफिट हासिल किया है, लेकिन हालिया तिमाही के आंकड़ों ने निवेशकों को परेशान कर दिया है।
BSE का जुर्माना और रेगुलेटरी पचड़ा
कंपनी पर सिर्फ खराब नतीजों का ही दबाव नहीं है, बल्कि BSE ने उस पर Regulation 34 के उल्लंघन के चलते जुर्माना भी लगाया है। मामला एनुअल रिपोर्ट फाइल करने से जुड़ा है।
कंपनी मैनेजमेंट का कहना है कि यह उनकी गलती नहीं, बल्कि तकनीकी खामी थी। उन्होंने दावा किया कि BSE पोर्टल पर 'Reg. 34 (1)' टैब में रिपोर्ट अपलोड नहीं हो पाई, लेकिन उन्होंने 'Corp. Action' और 'AGM/EGM' टैब में इसे सबमिट कर दिया था। कंपनी अब इस जुर्माने को हटवाने की कोशिश कर रही है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks)
फिलहाल कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती रेवेन्यू की कमी है। 30 सितंबर 2026 तक कंपनी के पास कुल कैश बैलेंस ₹0.0709 करोड़ है, जो उसकी लिक्विडिटी की स्थिति को दर्शाता है। कंपनी के ऑपरेशनल गतिविधियों में सुस्ती निवेशकों के लिए एक बड़ा रेड फ्लैग है।
