Kretto Syscon Limited के FY 2025-26 के नतीजे बेहद सुस्त रहे हैं। कंपनी का मुनाफा आधा होकर **₹2.02 करोड़** पर आ गया है, जबकि रेगुलेटरी फाइलिंग में देरी के कारण कंपनी पर जुर्माना भी लगा है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
कंपनी के कारोबार में इस बार बड़ी गिरावट देखी गई है। पिछले साल के ₹10.97 करोड़ के मुकाबले रेवेन्यू गिरकर ₹5.90 करोड़ रह गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट जो पहले ₹4.13 करोड़ था, अब घटकर ₹2.02 करोड़ पर सिमट गया है। कैश फ्लो को सुरक्षित रखने के लिए मैनेजमेंट ने इस बार कोई भी डिविडेंड नहीं देने का फैसला लिया है।
गवर्नेंस पर उठते सवाल
मुनाफे में गिरावट के अलावा कंपनी के लिए एडमिनिस्ट्रेटिव मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। स्टॉक एक्सचेंज की ओर से अनिवार्य फाइलिंग में देरी के लिए कंपनी पर जुर्माना लगाया गया है, जो सीधे तौर पर गवर्नेंस की कमियों की ओर इशारा करता है। इसके अलावा, स्टैच्यूटरी ऑडिटर ने भी ऑडिट रिपोर्ट पर CFO के हस्ताक्षर न होने को लेकर तकनीकी खामी निकाली है।
कंपनी की स्ट्रैटेजी और रिस्क
हालांकि कंपनी ने अगस्त 2025 में 2:25 के अनुपात में बोनस शेयर जारी किए थे और अपनी ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल को ₹66 करोड़ से बढ़ाकर ₹68 करोड़ किया है, लेकिन ऑटोमोबाइल, रेलवे और डिफेंस सेक्टर में इनका विस्तार अभी भी चुनौतियों से घिरा है। निवेशकों के लिए अब कंपनी का रेगुलेटरी ट्रैक रिकॉर्ड सुधारना और रेवेन्यू बेस को स्टेबल करना सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।
