Kothari Fermentation & Biochem Limited ने FY26 के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी को इस साल **₹2.99 करोड़** का नेट लॉस हुआ है, जबकि पिछले साल कंपनी **₹0.81 करोड़** के मुनाफे में थी। बढ़ती लागत और कच्चे माल के महंगे होने का असर कंपनी के बॉटम लाइन पर साफ दिख रहा है।
मुनाफे से नुकसान तक का सफर
कंपनी ने अपनी 36वीं एनुअल रिपोर्ट में बताया कि 31 मार्च, 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर में कंपनी का प्रदर्शन दबाव में रहा। टर्नओवर ₹114.23 करोड़ से घटकर ₹112.13 करोड़ रह गया। हालांकि प्रोडक्शन में 5.38% की बढ़ोतरी हुई और उत्पादन 16,102 MT तक पहुंच गया, लेकिन यह मुनाफा कमाने के लिए पर्याप्त नहीं था।
क्यों बिगड़ा खेल?
मैनेजमेंट ने इस गिरावट के पीछे तीन मुख्य कारण बताए हैं: अनफेवरेबल मार्केट कंडीशन्स, कच्चे माल (Raw material) की बढ़ती कीमतें और फाइनेंस एवं डेप्रिसिएशन कॉस्ट में उछाल। इन दबावों के चलते बोर्ड ने इस साल किसी भी तरह के डिविडेंड की घोषणा नहीं की है।
आगामी AGM और बड़े फैसले
आगामी 30 सितंबर, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों के लिए कुछ महत्वपूर्ण एजेंडे रखे गए हैं:
- सैलरी रिवीजन: चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर प्रमोद कुमार कोठारी की सैलरी ₹6 लाख प्रति माह और होल-टाइम डायरेक्टर कविता देवी कोठारी की सैलरी ₹5.75 लाख प्रति माह करने का प्रस्ताव है।
- री-अपॉइंटमेंट: रोटेशन के आधार पर रिटायर होने के बाद प्रमोद कुमार कोठारी को दोबारा नियुक्त करने पर भी वोटिंग होगी।
निवेशकों के लिए जोखिम
कंपनी की इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 25,000 MT है और वर्तमान में इसका 76.68% उपयोग हो रहा है। निवेशकों को अब इस पर नजर रखनी चाहिए कि क्या मैनेजमेंट इनपुट कॉस्ट को कंट्रोल कर पाता है या नहीं। कंपनी का भविष्य अब ऑपरेशन्स में एफिशिएंसी लाने और वर्किंग कैपिटल को स्थिर करने पर टिका है।
प्रमुख आंकड़े:
- PBDIT: ₹7.24 करोड़ (पिछले साल ₹11.97 करोड़)
- कैपेसिटी यूटिलाइजेशन: 76.68%
