Kothari Fermentation & Biochem Ltd ने वित्त वर्ष 2026 के अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी को इस साल ₹2.99 करोड़ का नेट लॉस हुआ है, जबकि पिछले साल कंपनी ₹0.81 करोड़ के मुनाफे में थी। प्रोडक्शन वॉल्यूम में **5.4%** की बढ़त के बावजूद बढ़ती लागत और महंगे फाइनेंस खर्चों ने मुनाफा पूरी तरह खत्म कर दिया है।
मुनाफे पर क्यों पड़ी मार?
कंपनी का प्रोडक्शन वॉल्यूम बढ़कर 16,102 MT हो गया है, लेकिन कुल टर्नओवर में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह ₹112.13 करोड़ रहा। मैनेजमेंट का कहना है कि केन मोलासेस (cane molasses) की बढ़ती कीमतें और ऊंचे फाइनेंस व डेप्रिसिएशन खर्चों के कारण कंपनी का नेट प्रॉफिट मार्जिन पिछले साल के 0.71% से गिरकर इस साल -2.67% हो गया है।
कॉरपोरेट एक्शन और बोर्ड के फैसले
खराब नतीजों के बीच कंपनी ने इस साल डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है। साथ ही, कंपनी अपनी 36वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर प्रमोद कुमार कोठारी का मासिक वेतन बढ़ाकर ₹6 लाख और होल-टाइम डायरेक्टर कविता देवी कोठारी का वेतन ₹5.75 लाख करने के लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मांगेगी।
आगे की राह और रिस्क
कंपनी अब पूरी तरह से 'कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन' और बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर ध्यान केंद्रित कर रही है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि फाइनेंशियल ईयर 2027 में चीजें बेहतर होंगी, लेकिन निवेशकों को कच्चे माल (Raw Material) की कीमतों में आने वाले उतार-चढ़ाव पर कड़ी नजर रखनी होगी, क्योंकि सप्लाई साइड के झटके कंपनी के मुनाफे के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं।
