Konndor Industries: कमाई घटी, फिर भी मुनाफे में रही कंपनी, लेकिन गवर्नेंस पर उठे सवाल

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Konndor Industries: कमाई घटी, फिर भी मुनाफे में रही कंपनी, लेकिन गवर्नेंस पर उठे सवाल

Konndor Industries ने फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के नतीजे जारी किए हैं। जहां कंपनी का रेवेन्यू **₹13.79 करोड़** से गिरकर **₹9 करोड़** पर आ गया है, वहीं लागत घटाने के कारण नेट प्रॉफिट **₹0.65 करोड़** पर स्थिर रहा है। हालांकि, सेक्रेटेरियल कंप्लायंस और ऑडिट रिपोर्ट में कई खामियां उजागर हुई हैं।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का विश्लेषण

कंपनी ने चुनौतीपूर्ण माहौल में भी अपना मुनाफा बचाए रखा है। फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में ऑपरेशनल खर्चों को ₹12.97 करोड़ से घटाकर ₹8.12 करोड़ पर लाने का फायदा कंपनी को मिला। इस कॉस्ट कटिंग की बदौलत ही नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹0.64 करोड़ की तुलना में मामूली बढ़त के साथ ₹0.65 करोड़ पर स्थिर रहा।

गवर्नेंस और ऑडिट की चुनौतियां

BSE को दी गई फाइलिंग में सेक्रेटेरियल ऑडिट रिपोर्ट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट में कई गंभीर उल्लंघन सामने आए हैं:

  • स्ट्रक्चर्ड डिजिटल डेटाबेस (SDD) का मेंटेनेंस नहीं होना।
  • एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) आयोजित करने में देरी।
  • क्वार्टरली रिजल्ट्स सबमिट करने और अखबारों में अनिवार्य विज्ञापन देने में देरी।
  • कंपनी सेक्रेटरी की नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठे हैं।

मैनेजमेंट का रुख और भविष्य

मैनेजमेंट ने इन खामियों को स्वीकार करते हुए इंटरनल प्रोसीजर को मजबूत करने का वादा किया है। कंपनी ने अब M/s. Chandabhoy & Jassoobhoy को अगले 5 वर्षों के लिए वैधानिक ऑडिटर के तौर पर नियुक्त किया है। अब निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या कंपनी अपनी इन गवर्नेंस संबंधी सुधारात्मक प्रक्रियाओं को समय पर लागू कर पाती है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.