Konndor Industries: भारी घाटा और गवर्नेंस पर उठे सवाल, निवेशकों के लिए बड़ी चेतावनी

OTHER
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
Konndor Industries: भारी घाटा और गवर्नेंस पर उठे सवाल, निवेशकों के लिए बड़ी चेतावनी

Konndor Industries के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर **2026** में नेट लॉस दर्ज किया है, साथ ही ऑडिटर्स ने कंपनी के इंटरनल कंट्रोल और देनदारियों को लेकर गंभीर चिंताएं जाहिर की हैं।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और गवर्नेंस में सेंध

कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे काफी निराशाजनक रहे हैं। पिछले फाइनेंशियल ईयर 2025 में जहां कंपनी को ₹0.65 करोड़ का प्रॉफिट हुआ था, वहीं इस साल कंपनी को ₹0.04 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। कंपनी का रेवेन्यू भी ₹9.00 करोड़ (FY25) से घटकर केवल ₹1.90 करोड़ पर आ गया है, जबकि कुल खर्च ₹1.94 करोड़ रहा।

ऑडिटर्स की कड़ी टिप्पणी

स्टैच्युटरी ऑडिटर 'Chandabhoy & Jassoobhoy' ने कंपनी की ऑडिट रिपोर्ट में कई बड़े सवाल खड़े किए हैं। सबसे चिंताजनक बात ₹2.24 करोड़ के अनसिक्योर्ड लोन और ₹8.97 करोड़ के सप्लायर एडवांसेज के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स का न होना है। इसके अलावा, फिक्स्ड एसेट्स रजिस्टर न होने और सेल्स इनवॉइस व ई-वे बिल के वेरिफिकेशन में विफलता ने कंपनी के गवर्नेंस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑडिटर ने साफ तौर पर कंपनी की 'गोइंग कंसर्न' स्थिति को लेकर 'मटेरियल अनिश्चितता' जताई है।

आगे की राह और निवेशकों के लिए रिस्क

कंपनी ने 30 सितंबर, 2026 को अपनी AGM बुलाई है, जिसमें गुजरात से महाराष्ट्र अपना रजिस्टर्ड ऑफिस शिफ्ट करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। मैनेजमेंट ने अब एक होल-टाइम कंपनी सेक्रेटरी की नियुक्ति और स्ट्रक्चर्ड डिजिटल डेटाबेस (SDD) को अपग्रेड करने का वादा किया है। हालांकि, मौजूदा लिक्विडिटी क्राइसिस और इंटरनल ऑडिट सिस्टम का अभाव निवेशकों के लिए बड़े खतरे की घंटी है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.