Konndor Industries के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का रेवेन्यू **₹1.90 करोड़** तक गिर गया है और कंपनी को **₹4.11 लाख** का नेट लॉस हुआ है। कंपनी अब अपना रजिस्टर्ड ऑफिस महाराष्ट्र शिफ्ट करने और रियल एस्टेट व इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में उतरने की तैयारी कर रही है।
भारी वित्तीय गिरावट और रणनीतिक बदलाव
फाइनेंशियल ईयर 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो कंपनी का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है। पिछले साल जहां कंपनी ने ₹64.98 लाख का प्रॉफिट दर्ज किया था, वहीं इस बार कंपनी ₹4.11 लाख के नेट लॉस में है। इसके अलावा, कंपनी का कुल रेवेन्यू भी पिछले साल के ₹9.00 करोड़ से घटकर केवल ₹1.90 करोड़ रह गया है।
क्यों है यह खबर जरूरी?
निवेशकों के लिए मुख्य आकर्षण कंपनी का अपने बिजनेस मॉडल को बदलने का निर्णय है। बोर्ड ने इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में कदम रखने के लिए अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, खराब नतीजों के बीच यह एक बड़ा बदलाव है जिसे लेकर निवेशक सतर्क हैं।
अनुपालन (Compliance) में खामियां
ऑडिट रिपोर्ट में कई प्रशासनिक खामियां सामने आई हैं। कंपनी में फिलहाल कोई फुल-टाइम कंपनी सेक्रेटरी नहीं है और SEBI (Prohibition of Insider Trading) नियमों के तहत स्ट्रक्चर्ड डिजिटल डेटाबेस (SDD) के मेंटेनेंस में भी चूक पाई गई है। मैनेजमेंट का कहना है कि वे इन कमियों को जल्द दूर करेंगे।
आगे की राह
कंपनी की 43वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 30 सितंबर, 2026 को अहमदाबाद में होगी। निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी इन नए सेक्टरों में कैसे विस्तार करती है और रेगुलेटरी नियमों का पालन कैसे सुनिश्चित करती है।
