Kirloskar Industries ने Q1 FY2027 के नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट गिरकर **₹78.75 करोड़** रहा, जिसका मुख्य कारण मर्जर से जुड़ा **₹29.33 करोड़** का एक्स्ट्रा खर्च रहा है। इसके साथ ही, कंपनी ने संदीप गोखले को नया इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया है।
नतीजों पर मर्जर का असर
कंपनी ने 30 जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए अपने फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी किए हैं। हालांकि कंपनी की कुल आय बढ़कर ₹1,798.66 करोड़ रही (पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹1,716.39 करोड़ थी), लेकिन नेट प्रॉफिट में बड़ी गिरावट देखने को मिली। पिछले साल की समान अवधि में कंपनी का मुनाफा ₹238.34 करोड़ था।
मुनाफे में यह कमी मुख्य रूप से मर्जर से जुड़े वन-टाइम खर्च के कारण आई है। ISMT Limited के Kirloskar Ferrous Industries Limited में मर्जर के चलते स्टैम्प ड्यूटी और अन्य प्रक्रियाओं पर ₹29.33 करोड़ का एक्स्ट्रा खर्च हुआ है, जिसे कंपनी ने एक्सेप्शनल आइटम के रूप में दर्ज किया है।
बोर्ड में बड़ा बदलाव
कंपनी ने अपने बोर्ड को मजबूत करते हुए संदीप गोखले को एडिशनल नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर शामिल किया है। 64 वर्षीय संदीप गोखले के पास फाइनेंस और इंजीनियरिंग सेक्टर का 40 साल का लंबा अनुभव है। उन्होंने अपने करियर में JSW Group, Vedanta और ICICI जैसे बड़े संस्थानों के साथ काम किया है। उनकी नियुक्ति 1 सितंबर 2026 से प्रभावी होगी।
निवेशकों के लिए अहम जानकारी
कंपनी ने यह भी साफ किया है कि Kirloskar Brothers Limited (KBL) को अब IND AS 28 के तहत 'एसोसिएट' के रूप में नहीं गिना जा रहा है, इसलिए इनके फाइनेंशियल आंकड़ों में KBL का हिस्सा शामिल नहीं है। आने वाले समय में निवेशकों की नजर Kirloskar Ferrous की स्टील और ट्यूब सेगमेंट की इंटीग्रेशन पर बनी रहेगी।
