Kirloskar Brothers Limited ने डॉ. माधुरी कानिटकर को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में नियुक्त कर लिया है। खास बात यह है कि कंपनी को **75%** का मैजिक नंबर नहीं मिला, फिर भी SEBI के नियमों का लाभ उठाकर यह नियुक्ति संभव हो सकी।
नियम का चला दांव
कंपनी ने 16 सितंबर, 2026 से 15 अक्टूबर, 2026 के बीच पोस्टल बैलेट और रिमोट ई-वोटिंग के जरिए शेयरहोल्डर्स की राय ली थी। हालांकि, यह प्रस्ताव कुल वोटों के 75% के आंकड़े को पार नहीं कर पाया, लेकिन SEBI के LODR रेगुलेशंस, 2015 की धारा 25(2A) ने इस नियुक्ति का रास्ता साफ कर दिया।
क्यों खास है यह फैसला?
SEBI का यह नियम यह सुनिश्चित करता है कि अगर किसी प्रस्ताव को प्रमोटर्स के अलावा पब्लिक शेयरहोल्डर्स का भारी बहुमत मिलता है, तो उसे पास माना जाएगा। यहां पब्लिक शेयरहोल्डर्स का साथ जबरदस्त रहा—1,00,98,013 वोट समर्थन में पड़े, जबकि विरोध में केवल 11,147 वोट आए। यह दिखाता है कि बोर्ड की स्वतंत्रता में रिटेल और नॉन-प्रमोटर निवेशकों की आवाज अब ज्यादा मायने रखती है।
वोटिंग के आंकड़े (Voting Statistics)
- कुल वोट: 6,01,17,706
- पक्ष में वोट: 4,03,14,545
- विपक्ष में वोट: 1,97,97,161
अब निवेशकों की नजरें इस पर टिकी होंगी कि नई बोर्ड मेंबर कंपनी की गवर्नेंस और भविष्य की रणनीतियों में किस तरह के बदलाव लाती हैं।
