Kaka Industries ने अब BSE SME प्लेटफॉर्म से बाहर निकलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी अपने शेयर को BSE और NSE के मेन बोर्ड पर माइग्रेट करना चाहती है, ताकि लिक्विडिटी बढ़ाई जा सके।
बड़े बोर्ड में एंट्री की तैयारी
Kaka Industries ने अपने शेयरहोल्डर्स को पोस्टल बैलट के जरिए तीन बड़े प्रस्तावों पर राय देने को कहा है। कंपनी का मुख्य लक्ष्य अपने इक्विटी शेयर्स को BSE SME प्लेटफॉर्म से हटाकर BSE के मेन बोर्ड पर माइग्रेट करना है। इसके साथ ही, कंपनी NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) पर भी सीधे लिस्टिंग की मंजूरी मांग रही है।
क्यों है यह फैसला अहम?
SME प्लेटफॉर्म से मेन बोर्ड पर जाना किसी भी कंपनी के लिए एक बड़ा कदम होता है। इससे कंपनी की क्रेडिबिलिटी बढ़ती है और शेयरों में लिक्विडिटी (तरलता) भी बेहतर होती है। इससे बड़े इंस्टीट्यूशनल और रिटेल निवेशकों के जुड़ने की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि, मेन बोर्ड पर आने के बाद कंपनी को कड़े अनुपालन (Compliance) और रिपोर्टिंग नियमों का पालन करना होगा।
अहम तारीखें और शर्तें
कंपनी ने वोटिंग के लिए 20 अक्टूबर, 2026 से विंडो खोल दी है, जो 18 नवंबर, 2026 तक खुली रहेगी। नतीजों की घोषणा 20 नवंबर, 2026 तक की जाएगी। माइग्रेशन के प्रस्ताव को पास करने के लिए पब्लिक शेयरहोल्डर्स के 'पक्ष' में पड़े वोट, 'विपक्ष' में पड़े वोटों के मुकाबले कम से कम 2 गुना होने चाहिए।
इसके अलावा, बोर्ड ने श्रीमती श्रेया संचेती को 5 साल के कार्यकाल के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त करने पर भी वोटिंग प्रक्रिया शुरू की है, जो 12 अक्टूबर, 2026 से प्रभावी है।
