Kairosoft AI Solutions Ltd ने अपनी 44वीं AGM की रिवाइज्ड स्क्रूटिनाइजर रिपोर्ट फाइल की है। एक वोटिंग गलती को सुधारते हुए कंपनी ने साफ किया कि **50,000** अयोग्य वोटों को हटाने के बाद भी प्रस्ताव पास हो गया है। साथ ही, निवेशकों के लिए **10:1** के शेयर स्प्लिट पर मुहर लग गई है।
क्या है वोटिंग का पूरा मामला?
कंपनी ने अपनी 44वीं AGM जो 29 अगस्त 2026 को हुई थी, उसके लिए एक रिवाइज्ड रिपोर्ट जारी की है। गलती 'रिज़ॉल्यूशन नंबर 4' (रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन) के टैली में थी। इसमें गलती से 50,000 ऐसे वोट जुड़ गए थे जो अयोग्य थे। इन्हें हटाने के बाद अब यह रिज़ॉल्यूशन 52.68% वोटों के साथ आधिकारिक तौर पर पास माना गया है।
निवेशकों के लिए अहम फैसले
इस सुधार से कंपनी की गवर्नेंस पर भरोसा कायम रखने की कोशिश की गई है। निवेशकों के लिए सबसे बड़ी खबर शेयर स्प्लिट (Share Split) की है। कंपनी ने ₹10 फेस वैल्यू वाले शेयर को ₹1 में बांटने की मंजूरी दे दी है। इससे भविष्य में रिटेल निवेशकों के लिए लिक्विडिटी बढ़ने की उम्मीद है।
क्या फेल हुआ?
हालांकि सब कुछ शेयरहोल्डर्स के हक में नहीं रहा। 'स्पेशल बिज़नेस 3', जिसमें श्री देवा राम के पद और वेतन (Remuneration) में बदलाव का प्रस्ताव था, उसे जरूरी समर्थन नहीं मिला। इसे केवल 62.43% वोट मिले, जिसके चलते यह प्रस्ताव गिर गया।
अब आगे क्या?
निवेशकों को अब कंपनी की ओर से शेयर स्प्लिट के लिए 'रिकॉर्ड डेट' के ऐलान का इंतजार करना चाहिए। वहीं, श्री देवा राम के वेतन को लेकर बोर्ड क्या नया फैसला लेता है, इस पर भी बाजार की नजर बनी रहेगी।
