Kabra Commercial के फाइनेंशियल रिजल्ट्स में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। FY26 में कंपनी का रेवेन्यू **41%** गिरकर **₹14.94 करोड़** रहा, वहीं नेट प्रॉफिट सिमटकर केवल **₹0.029 करोड़** रह गया है। कंपनी ने अब मैनेजमेंट में बदलाव के साथ अपनी ग्रुप कंपनियों की डीलिस्टिंग का फैसला लिया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नज़र
कंपनी के कारोबार में इस साल बड़ी सुस्ती देखने को मिली है। FY26 में रेवेन्यू घटकर ₹14.94 करोड़ रहा, जो पिछले साल यानी FY25 में ₹25.25 करोड़ था। मुनाफा तो और भी तेजी से लुढ़का है; पिछला नेट प्रॉफिट ₹1.56 करोड़ से घटकर महज ₹0.029 करोड़ रह गया है। इसका बड़ा कारण कंपनी के कोल सप्लाई (Coal Supply) बिजनेस में आई रुकावटें हैं।
बड़े लीडरशिप बदलाव
कंपनी में नई शुरुआत की जा रही है। रामअवतार काबरा को 3 साल के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया गया है, जिनका कार्यकाल 13 अगस्त 2026 से शुरू हुआ है। वे राजेश कुमार काबरा की जगह लेंगे जिन्होंने 6 जुलाई 2026 को इस्तीफा दे दिया था। इसके अलावा, वेदांत राज काबरा को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाया गया है, जिस पर 28 सितंबर 2026 को होने वाली AGM में मुहर लगेगी। एक खास बात यह है कि नए एमडी ने अपना वेतन (Remuneration) नहीं लेने का फैसला किया है।
स्ट्रैटेजिक फैसले और डीलिस्टिंग
कंपनी अपने स्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए Kabra Marble Udyog Ltd और Kabra Steel Products Ltd को कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज से वॉलंटरी डीलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर रही है। साथ ही, M/s. Ranjit Jain & Co. को 2030 तक के लिए फिर से स्टेट्युटरी ऑडिटर नियुक्त किया गया है।
आगे क्या होगा?
निवेशकों को अब इन डीलिस्टिंग अपडेट्स और नई टीम के रिवाइवल प्लान पर नजर रखनी चाहिए, ताकि यह देखा जा सके कि कंपनी अपनी गिरती हुई कमाई को कैसे दोबारा पटरी पर लाती है।
