KS Smart Technologies के शेयरधारकों ने पोस्टल बैलट के जरिए तीन बड़े प्रस्तावों पर मुहर लगा दी है। अब कंपनी ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल बढ़ाने और QIP या FCCB के जरिए फंड जुटाने की राह पर है।
भारी बहुमत से मिला साथ
कंपनी ने 12 अक्टूबर, 2026 को पोस्टल बैलट के नतीजे घोषित किए। वोटिंग का आंकड़ा ऐतिहासिक रहा, जिसमें कुल 12,42,71,391 वैध वोट डाले गए। खास बात यह है कि कंपनी के कुल पेड-अप शेयर कैपिटल का 75.74% हिस्सा इस वोटिंग प्रक्रिया में शामिल हुआ और 99.99996% वोट प्रस्तावों के पक्ष में पड़े। विरोध में केवल 50 वोट ही आए।
क्यों अहम है यह फैसला?
यह निर्णय कंपनी के भविष्य के विस्तार के लिए मील का पत्थर साबित होगा। शेयर कैपिटल बढ़ने से कंपनी के पास नए शेयर जारी करने की क्षमता बढ़ गई है। साथ ही, FPI (Foreign Portfolio Investors), NRI और OCI के लिए निवेश सीमा बढ़ाने का मतलब है कि कंपनी विदेशी पूंजी को आकर्षित करने के लिए तैयार है।
कंपनी के मुख्य प्रस्ताव:
- ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल में बढ़ोतरी: कंपनी ने अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में बदलाव को मंजूरी दी है।
- निवेश सीमा में विस्तार: विदेशी निवेशकों के लिए नियमों को आसान बनाया गया है ताकि कैपिटल इनफ्लो बढ़ सके।
- फंड जुटाने का अधिकार: मैनेजमेंट अब QIP (Qualified Institutional Placement) या FCCB (Foreign Currency Convertible Bonds) के जरिए फंड जुटाने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है।
आगे क्या नजर रखें?
अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी फंड जुटाने के लिए किस माध्यम को चुनती है और इसका साइज क्या होगा। मैनेजमेंट के आधिकारिक ऐलान पर नजर बनाए रखें, क्योंकि इससे शेयर की चाल पर असर पड़ सकता है।
