KIOCL Limited के लिए बड़ी राहत की खबर है। CARE Ratings ने कंपनी के क्रेडिट रेटिंग आउटलुक को 'Negative' से अपग्रेड कर 'Stable' कर दिया है। FY26 में कंपनी ने शानदार टर्नअराउंड दिखाते हुए **₹16.57 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि पिछले साल कंपनी घाटे में थी।
फाइनेंशियल टर्नअराउंड की कहानी
CARE Ratings ने KIOCL के लॉन्ग-टर्म और शॉर्ट-टर्म बैंक फैसिलिटी रेटिंग्स को क्रमशः CARE BBB+ और CARE A2 पर बरकरार रखा है। कंपनी का टोटल ऑपरेटिंग इनकम बढ़कर ₹632.35 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल के ₹204.58 करोड़ के भारी-भरकम नुकसान के बाद एक बड़ी रिकवरी है। इस उछाल के पीछे मुख्य वजह NMDC के साथ हुई टोलिंग व्यवस्था है, जिससे पेलेट प्रोडक्शन 0.93 मिलियन टन से बढ़कर 2.70 मिलियन टन तक पहुंच गया है।
बैलेंस शीट में दम
कंपनी की लिक्विडिटी स्थिति काफी मजबूत बनी हुई है। 31 मार्च, 2026 तक कंपनी के पास ₹826 करोड़ की कैश और लिक्विड इन्वेस्टमेंट मौजूद है। साथ ही, कंपनी का गियरिंग रेशियो महज 0.13x है, जो इसके बेहतर फाइनेंशियल हेल्थ को दर्शाता है।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risks)
सब कुछ अच्छा होने के बावजूद, निवेशकों को Devadari Iron Ore Mine के मोर्चे पर सावधानी बरतनी चाहिए। इस माइन के ऑपरेशनल होने की समयसीमा को आगे बढ़ाकर 1 जनवरी, 2028 कर दिया गया है। भविष्य में अगर रेगुलेटरी या ऑपरेशनल रुकावटें आती हैं, तो यह कंपनी की लागत प्रतिस्पर्धात्मकता (cost competitiveness) को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल, कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पेलेट की कीमतों और NMDC के साथ होने वाले एग्रीमेंट की निरंतरता पर टिकी हुई है।
