KEI Industries के लिए राहत की खबर आई है। फाइनेंशियल ईयर **2017-18** के GST विवाद में अपीलीय अधिकारी ने कंपनी की देनदारी को काफी कम कर दिया है। अब कंपनी पर कुल डिमांड और पेनल्टी मिलाकर **₹4.46 करोड़** का बोझ है।
डिमांड में बड़ी कटौती
नोएडा के कमिश्नर (अपील्स) ने KEI Industries के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कई पुरानी मांगों को खारिज कर दिया है। इसमें मुख्य रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और अनबिल्ड रेवेन्यू पर ब्याज से जुड़े विवाद शामिल थे। हालांकि, रोड रेस्टोरेशन चार्जेज से जुड़ी डिमांड अभी बरकरार रखी गई है, जिसके चलते कुल लायबिलिटी अब ₹2.23 करोड़ टैक्स और ₹2.23 करोड़ की पेनल्टी, यानी कुल ₹4.46 करोड़ तय की गई है।
आगे की कानूनी राह
मैनेजमेंट ने साफ कर दिया है कि कंपनी का मानना है कि बची हुई डिमांड भी कानूनी रूप से टिकने वाली नहीं है। कंपनी अब इस फैसले के खिलाफ GST अपीलीय ट्रिब्यूनल (GST Appellate Tribunal) में अपील करने की तैयारी कर रही है।
निवेशकों पर असर?
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस ऑर्डर का उसके डेली ऑपरेशंस या फाइनेंशियल सेहत पर कोई खास बुरा असर नहीं पड़ेगा। कंपनी का मानना है कि कानूनी रूप से उनका पक्ष मजबूत है और वे इसे आगे भी लड़ेंगे।
