Income Tax Department ने Assessment Year 2020-21 के लिए Jyoti Ltd को एक रेक्टिफिकेशन ऑर्डर जारी किया है, जिसके तहत कंपनी पर **₹6.82 करोड़** की टैक्स डिमांड निकली है।
क्या है पूरा मामला?
Income Tax Department के वडोदरा स्थित डिप्टी कमिश्नर ने सेक्शन 154 के तहत यह ऑर्डर जारी किया है। 29 अक्टूबर, 2026 को मिले इस ऑर्डर में ब्याज समेत कुल ₹6.82 करोड़ की राशि मांगी गई है। कंपनी ने साफ किया है कि यह मार्च 2025 में शुरू हुए पुराने कानूनी विवाद का ही एक हिस्सा है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि इस नोटिस से कंपनी के डेली ऑपरेशंस या फाइनेंशियल हेल्थ पर कोई भी 'मटेरियल इम्पैक्ट' (Material Impact) नहीं पड़ेगा। इसे एक नई मुश्किल मानने के बजाय, कंपनी के पुराने कानूनी विवाद के चक्र का हिस्सा माना जाना चाहिए।
आगे की रणनीति
Jyoti Ltd इस मामले के लिए कोई अलग से नया केस नहीं लड़ेगी। इसके बजाय, कंपनी मार्च 2025 से चल रही अपनी मौजूदा अपील के जरिए ही इस टैक्स डिमांड को चुनौती देगी। इससे कंपनी की लीगल डिफेंस स्ट्रेटजी और ज्यादा मजबूत और सेंट्रलाइज्ड हो जाएगी।
फिलहाल, निवेशकों को Income Tax Appellate Tribunal में होने वाली सुनवाई और कानूनी अपडेट्स पर नजर रखनी चाहिए।
