Juniper Hotels ने FY26 में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी की इनकम पहली बार **₹1,000 करोड़** के पार निकल गई है और प्रॉफिट करीब दोगुना होकर **₹141.6 करोड़** पर पहुंच गया है। अब कंपनी 'Juniper 2.0' के तहत साल 2031 तक अपने पोर्टफोलियो को **4,000** कीज़ तक ले जाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
मुनाफे में उछाल और नई रणनीति
40वीं एनुअल जनरल मीटिंग में कंपनी ने अपने अब तक के सबसे बेहतरीन नतीजों का ऐलान किया। कंपनी का टोटल इनकम पहली बार ₹1,000 करोड़ का आंकड़ा पार कर गया है, जबकि EBITDA मार्जिन 42% पर बना हुआ है। 'Juniper 2.0' रणनीति के जरिए कंपनी का फोकस अब अपनी मौजूदा 1,900 कीज़ (कमरों) की क्षमता को 4,000 तक पहुंचाने पर है।
क्यों है यह खबर अहम?
देश में लग्जरी ट्रेवल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में तेजी को देखते हुए कंपनी ने ₹1,930 करोड़ के बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) की योजना बनाई है। इस रोडमैप में नई दिल्ली के द्वारका में 550 कीज़ का बड़ा प्रोजेक्ट, और बेंगलुरु व नॉर्थ-ईस्ट में नई प्रॉपर्टीज शामिल हैं। कंपनी इंटरनल अक्रूअल के जरिए इस विस्तार को फंड करेगी ताकि कर्ज का बोझ न बढ़े।
रिस्क और निवेशकों के लिए नसीहत
इतने बड़े पैमाने पर विस्तार के साथ एग्जीक्यूशन रिस्क भी जुड़ा है। निवेशकों को विशेष रूप से Marriott और Grand Hyatt जैसे ब्रांड्स के प्रोजेक्ट्स के पूरा होने की टाइमलाइन पर नजर रखनी चाहिए। अगर कंस्ट्रक्शन में देरी होती है या बिजनेस ट्रेवल डिमांड में सुस्ती आती है, तो कंपनी के मार्जिन्स पर असर पड़ सकता है।
आगे क्या देखें?
आने वाली तिमाहियों में बेंगलुरु और द्वारका प्रोजेक्ट्स के कंस्ट्रक्शन स्टेटस और कंपनी द्वारा 42% के EBITDA मार्जिन को बनाए रखने की क्षमता पर निवेशकों की खास नजर होनी चाहिए।
