Jubilant Agri and Consumer Products Limited के शेयरधारकों ने कंपनी के 'एग्री बिजनेस' को अलग (Demerger) करने की योजना पर अपनी मुहर लगा दी है। NCLT की बैठक में **99.99%** शेयरधारकों ने इस प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया है।
डीमर्जर पर भारी समर्थन
कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, NCLT द्वारा बुलाई गई बैठक में कुल 1,16,36,273 वोट प्रस्ताव के पक्ष में डाले गए, जो कुल वोटों का 99.9949% है। इसके विपरीत, केवल 597 वोट ही इस स्कीम के खिलाफ पड़े। इस भारी बहुमत के साथ कंपनी अब डीमर्जर की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
यह कदम कंपनी की कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग रणनीति का एक अहम हिस्सा है। 'एग्री बिजनेस' को Jubilant Agri Solutions Limited के रूप में अलग करके, कंपनी अपने ऑपरेशंस को स्ट्रीमलाइन करना चाहती है और दोनों हिस्सों को बेहतर ग्रोथ के लिए फोकस करना चाहती है।
आगे की प्रक्रिया (Procedural Update)
इलाहाबाद बेंच के NCLT ऑर्डर के बाद हुई इस वोटिंग प्रक्रिया में कंपनी सेक्रेटरी अनिल कुमार स्क्रूटिनाइजर के तौर पर मौजूद थे। अब कंपनी को डीमर्जर को अंतिम रूप देने के लिए कुछ और कानूनी मंजूरियां लेनी होंगी।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
शेयरधारकों को अब 'रिकॉर्ड डेट' (Record Date) के ऐलान का इंतजार है। इसी तारीख के आधार पर तय होगा कि किस शेयरधारक को नई कंपनी Jubilant Agri Solutions के शेयर अलॉट किए जाएंगे। हालांकि, निवेशकों को इस बात पर भी नजर रखनी होगी कि कोर्ट की मंजूरी में कोई देरी न हो, क्योंकि इससे डीमर्जर और लिस्टिंग की समयसीमा प्रभावित हो सकती है।
