Jattashankar Industries ने FY26 में शानदार वापसी करते हुए मुनाफा दर्ज किया है। कंपनी ने अब अपने बिजनेस को पॉलिस्टर यार्न से बदलकर एग्रो-कमोडिटी ट्रेडिंग में शिफ्ट कर लिया है, जिसके चलते रेवेन्यू में भारी उछाल देखा गया है।
फाइनेंशियल टर्नअराउंड
कंपनी के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर काफी बदलाव भरा रहा। FY2026 में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹1.03 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को ₹1.19 करोड़ का घाटा हुआ था। बिजनेस मॉडल में बदलाव का असर सीधे टॉपलाइन पर दिखा है, जहां रेवेन्यू पिछले साल के ₹8.17 करोड़ से बढ़कर इस साल ₹129.41 करोड़ पर पहुंच गया है।
कॉरपोरेट एक्शन और स्टॉक स्प्लिट
कंपनी की लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए मैनेजमेंट ने 1:10 के शेयर स्प्लिट का प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत ₹10 फेस वैल्यू वाले शेयर को ₹1 फेस वैल्यू में बदला जाएगा। इसके अलावा, कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस महाराष्ट्र से गुजरात शिफ्ट करने और 80 लाख से ज्यादा कन्वर्टिबल वारंट्स के अलॉटमेंट की भी जानकारी दी गई है।
गवर्नेंस पर नजर
निवेशकों के लिए एक जरूरी अपडेट यह है कि ऑडिटर्स ने अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर को लेकर रेगुलेटरी नॉन-कंप्लायंस की ओर इशारा किया है। कंपनी के सॉफ्टवेयर में 'ऑडिट ट्रेल' की कमी पाई गई है, जो नियमों का उल्लंघन है। हालांकि इसमें किसी फ्रॉड की बात नहीं है, लेकिन इसे गवर्नेंस से जुड़ी कमी के तौर पर देखा जा रहा है।
AGM की जानकारी
कंपनी की 38वीं AGM 28 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित होगी। ई-वोटिंग के लिए कट-ऑफ डेट 21 सितंबर, 2026 तय की गई है, और निवेशक 25 से 27 सितंबर के बीच रिमोट ई-वोटिंग में हिस्सा ले सकेंगे।
