शिक्षा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Jaro Institute of Technology Management and Research ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल आधार पर **₹17.02 करोड़** से बढ़कर **₹18.54 करोड़** पहुंच गया है।
मुनाफे में मजबूती और बढ़ता रेवेन्यू
Jaro Institute के कामकाज में निरंतर सुधार दिख रहा है। सितंबर तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स बढ़कर ₹87.74 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹80.41 करोड़ था। वहीं, कुल इनकम भी बढ़कर ₹90.18 करोड़ के स्तर पर पहुंच गई है।
IPO फंड का इस्तेमाल
कंपनी ने अपने IPO के माध्यम से जुटाए गए कुल ₹170 करोड़ में से ₹164.34 करोड़ का इस्तेमाल कर लिया है। इसका एक बड़ा हिस्सा मार्केटिंग और ब्रांडिंग पर ₹76.67 करोड़, कर्ज चुकाने में ₹45 करोड़ और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए ₹30.15 करोड़ खर्च किए गए हैं। अब कंपनी के पास केवल ₹5.66 करोड़ का अन-यूटिलाइज्ड बैलेंस बचा है।
गवर्नेंस और आगे की राह
कंपनी ने बोर्ड मीटिंग में इन नतीजों को मंजूरी दी है, जिसे M S K A & Associates LLP का 'अनमॉडिफाइड' रिव्यू मिला है। इसके अलावा, कंपनी ने अपने ESOP स्कीम के तहत 98,669 इक्विटी शेयर अलॉट किए हैं, जो कंपनी की ग्रोथ में कर्मचारियों की भागीदारी को दर्शाता है। निवेशकों के लिए अब देखने वाली बात यह होगी कि बचा हुआ IPO फंड कंपनी के रेवेन्यू में कितनी और तेजी लाता है।
