Jai Mata Glass ने वित्त वर्ष 2025-26 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट लॉस कम होकर **21.52 लाख रुपये** रहा है। अपने ग्लास एजेंसी कारोबार को बंद करने के बाद कंपनी अब ओनरशिप में बड़े बदलाव की प्रक्रिया से गुजर रही है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का लेखा-जोखा
कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के नतीजों में एक बड़ा बदलाव दिखा है। जहां पिछले साल कंपनी का नेट लॉस 50.66 लाख रुपये था, वह इस बार सुधरकर 21.52 लाख रुपये पर आ गया है। हालांकि, कंपनी की कुल आय में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जो घटकर 15.08 लाख रुपये रह गई है, जबकि पिछले साल यह 79.97 लाख रुपये थी। इसकी मुख्य वजह कंपनी के मुख्य 'figured glass' एजेंसी कारोबार का बंद होना है।
क्यों है यह खबर महत्वपूर्ण?
पुराना कारोबार बंद होने से कंपनी फिलहाल एक ट्रांजिशन फेज में है। निवेशकों की नजरें अब 'चेंज इन कंट्रोल' पर टिकी हैं। प्रमोटर ग्रुप ने अपना हिस्सा बेचने के लिए 'शेयर परचेज एग्रीमेंट' (SPA) साइन किया है, जिसके चलते पब्लिक शेयरहोल्डर्स के लिए ओपन ऑफर लाया गया है। यह ओपन ऑफर 4 सितंबर, 2026 तक खुला रहेगा।
मैनेजमेंट और बोर्ड में हलचल
कंपनी के भीतर कई प्रशासनिक बदलाव भी हुए हैं:
- CFO बदलाव: आशीष गुप्ता को 1 जून, 2026 से CFO नियुक्त किया गया है, जिन्होंने राजेश आर्य की जगह ली है।
- ऑडिटर: वित्त वर्ष 2026-27 से पांच साल के लिए 'Khushal Joshi & Associates' को सेक्रेटेरियल ऑडिटर बनाने का प्रस्ताव है।
- बोर्ड अपडेट: पूर्व MD चंदर मोहन मारवाह के निधन के बाद अब अनु मारवाह मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर कंपनी की कमान संभाल रही हैं।
आगे क्या होगा?
शेयरहोल्डर्स के लिए अभी सबसे जरूरी ओपन ऑफर का नतीजा देखना है। कंपनी के नए मालिक आने वाले समय में किस तरह का बिजनेस मॉडल अपनाते हैं, इसी पर Jai Mata Glass का भविष्य निर्भर करेगा, क्योंकि फिलहाल कंपनी नए अवसरों की तलाश में है।
