JHS Svendgaard Retail Ventures ने नॉन-प्रमोटर्स को **23.01 लाख** कन्वर्टिबल वॉरंट्स अलॉट किए हैं, जिससे कंपनी को **₹1.43 करोड़** का फंड मिला है। साथ ही, Purple Rock Infra के **₹13.5 करोड़** के डिबेंचर्स पर ब्याज माफी की घोषणा ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
वॉरंट्स अलॉटमेंट और फंड जुटाने की प्रक्रिया
JHS Svendgaard Retail Ventures ने नॉन-प्रमोटर निवेशकों को 23,01,000 पूरी तरह से कन्वर्टिबल वॉरंट्स जारी किए हैं। प्रति वॉरंट ₹25 की कीमत तय की गई है। कंपनी को कुल राशि का 25% हिस्सा यानी ₹1,43,81,250 upfront मिल चुका है। ये वॉरंट्स 18 महीने के भीतर यानी 29 अगस्त, 2026 तक ₹10 फेस वैल्यू के इक्विटी शेयरों में बदले जा सकेंगे।
ब्याज माफी का फैसला और उसके मायने
बोर्ड ने Purple Rock Infra Private Limited के ₹13.5 करोड़ के 7% ऑप्शनली कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (OCDs) पर ब्याज का भुगतान माफ करने का फैसला किया है। हालांकि कंपनी प्रिंसिपल अमाउंट (मूलधन) वापस लेने की बात कह रही है, लेकिन ब्याज माफी से कंपनी की कैश पोजीशन पर असर पड़ना तय है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks for Shareholders)
- इक्विटी डायल्यूशन: भविष्य में जब ये वॉरंट्स शेयरों में बदलेंगे, तो मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी कम होगी।
- रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन: ब्याज माफी को कॉरपोरेट गवर्नेंस के नजरिए से देखा जा रहा है। निवेशकों को कंपनी द्वारा मूलधन की रिकवरी पर नजर रखनी चाहिए।
आगे क्या होगा?
कंपनी ने अपनी ऑडिट कमेटी में भी बदलाव किए हैं। अब संजय शीतल सांगतानी इसके चेयरमैन होंगे। निवेशकों को अब कंपनी द्वारा बुलाई जाने वाली एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) या पोस्टल बैलट का इंतजार करना चाहिए, जिसमें इस ब्याज माफी के फैसले पर मुहर लगनी बाकी है।
