Ishaan Infrastructures and Shelters Ltd ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। कंपनी अब इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से निकलकर इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स के बिजनेस में उतरेगी, जिसके लिए **₹79.45 करोड़** का शेयर-स्वैप डील प्रस्तावित है।
बिजनेस का कायाकल्प
Ishaan Infrastructures ने अपनी 31वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के लिए नोटिस जारी किया है, जिसमें कंपनी के भविष्य की नई दिशा तय की गई है। कंपनी अब इन्फ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट सेक्टर से पूरी तरह बाहर निकलकर इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स के कारोबार में कदम रखेगी। इस बदलाव के तहत, कंपनी Blisstering Electronics Private Limited और Bliss Cab Electronics Private Limited का अधिग्रहण करेगी। यह डील ₹79.45 करोड़ के प्रिफरेंशियल इश्यू के जरिए पूरी होगी, जिसमें 5.67 करोड़ से ज्यादा शेयर ₹14 प्रति शेयर की दर से जारी किए जाएंगे।
क्यों है यह कदम जरूरी?
पिछले दो फाइनेंशियल ईयर से कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू शून्य (zero) रहा है, जिससे यह कंपनी एक तरह से सुस्त पड़ी हुई थी। इस नए बदलाव के जरिए मैनेजमेंट कंपनी को एक नई पहचान दिलाने और बिजनेस में जान फूंकने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, यह डील मौजूदा शेयरहोल्डर्स के लिए डाइल्यूशन का कारण बनेगी, जिसे निवेशकों को ध्यान में रखना चाहिए।
कैपिटल और बोर्ड में बड़े बदलाव
इस नए बदलाव को धरातल पर उतारने के लिए कंपनी ने अपनी ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल को ₹7.5 करोड़ से बढ़ाकर ₹64 करोड़ करने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा, कंपनी ने ₹70 करोड़ तक के फंड जुटाने की उधार लेने की शक्तियां भी मांगी हैं। बोर्ड लेवल पर भी बदलाव किए जा रहे हैं, जिसमें दो डायरेक्टरों का इस्तीफा और नए नेतृत्व की नियुक्ति शामिल है। साथ ही, M/s. Grover Lalla & Mehta को नया स्टेट्यूटरी ऑडिटर नियुक्त किया जाएगा।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks)
कंपनी के पास इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर का कोई पुराना अनुभव नहीं है, और इन नई कंपनियों के साथ तालमेल (integration) बैठाना एक बड़ी चुनौती होगी। इसके अलावा, पिछले कुछ समय से कंपनी का नुकसान बढ़कर ₹25.50 लाख तक पहुंच गया है। निवेशकों के लिए यह जानना जरूरी है कि इस नए बिजनेस मॉडल की सफलता पूरी तरह से मैनेजमेंट के निष्पादन (execution) पर निर्भर करेगी।
