Interworld Digital ने सितंबर 2026 की तिमाही के लिए **₹0.06 करोड़** के कर्ज डिफॉल्ट की जानकारी दी है। कंपनी ने अपने पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर मन मोहन गुप्ता पर संपत्ति और बौद्धिक संपदा (IP) चुराने का गंभीर आरोप लगाया है।
भारी वित्तीय और आंतरिक संकट
Interworld Digital ने BSE में फाइलिंग के जरिए बताया है कि कंपनी पर कुल ₹2.29 करोड़ का कर्ज है, जिसमें से ₹0.06 करोड़ का भुगतान समय पर नहीं हो सका। हालांकि यह आंकड़ा देखने में छोटा लग सकता है, लेकिन इसके पीछे छिपी कहानी काफी चिंताजनक है।
पूर्व MD के खिलाफ कंपनी की बड़ी जंग
कंपनी ने अपने पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर मन मोहन गुप्ता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आरोप यह है कि कंपनी की एक गाड़ी, जिसे Kotak Mahindra Prime Limited ने फाइनेंस किया था, उसे गुप्ता ने वापस नहीं किया है। इसके अलावा, मौजूदा मैनेजमेंट ने आरोप लगाया है कि मन मोहन गुप्ता ने कंपनी का कामकाज और उसके बौद्धिक संपदा (IP) को अपने नियंत्रण वाली दूसरी कंपनियों में अवैध तरीके से ट्रांसफर कर दिया है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Governance Risk)
कंपनी के भीतर मची यह उठा-पटक सीधे तौर पर शेयरधारकों के लिए जोखिम है। पूर्व लीडरशिप का सहयोग न करना और एसेट स्ट्रिपिंग (Assets Stripping) के गंभीर आरोप यह संकेत देते हैं कि कंपनी में गवर्नेंस की भारी कमी है। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि रेगुलेटर की ओर से इस पर क्या एक्शन लिया जाता है और कंपनी अपनी संपत्तियों को कैसे वापस हासिल करती है।
