Inter State Oil Carrier Ltd की 42वीं AGM में निवेशकों ने मैनेजमेंट को बड़ा झटका दिया है। कंपनी के एमडी (MD) की सैलरी बढ़ाने और रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन (RPT) से जुड़े प्रस्तावों को शेयरधारकों ने भारी विरोध के साथ नामंजूर कर दिया है।
गवर्नेंस पर बड़ा सवाल
कंपनी की 42वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में मैनेजमेंट के लिए स्थिति असहज हो गई। हालांकि कंपनी की फाइनेंशियल स्टेटमेंट और डायरेक्टर्स की दोबारा नियुक्ति जैसे साधारण प्रस्ताव पास हो गए, लेकिन दो अहम प्रस्तावों पर शेयरधारकों ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें रिजेक्ट कर दिया।
नतीजों के आंकड़े
- MD Remuneration: मैनेजिंग डायरेक्टर के वेतन में संशोधन के प्रस्ताव के खिलाफ 46.72% वोट पड़े।
- Related Party Transactions (RPT): इस प्रस्ताव को लेकर शेयरधारकों में सबसे ज्यादा गुस्सा दिखा, जहां 86.77% वोट इसके खिलाफ गए।
क्यों है यह बड़ी खबर?
यह घटना दिखाती है कि अब निवेशक कंपनी की इंटरनल गवर्नेंस और मैनेजमेंट की कार्यप्रणाली पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। एमडी संजय जैन (Sanjay Jain) के लिए प्रस्तावित वेतन वृद्धि पर मिली असहमति और 86% से ज्यादा वोटों के साथ RPT प्रस्ताव का गिरना कंपनी में हितों के टकराव (Conflict of Interest) को लेकर निवेशकों की बड़ी चिंता को उजागर करता है।
आगे क्या होगा?
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सामने अब बड़ी चुनौती है। मैनेजमेंट को या तो इन प्रस्तावों को फिर से तैयार करना होगा या निवेशकों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करना होगा ताकि कॉर्पोरेट गवर्नेंस मानकों पर उनका भरोसा फिर से जीता जा सके। निवेशकों को सलाह है कि वे कंपनी की अगली बोर्ड फाइलिंग्स और भविष्य की गाइडेंस पर नजर रखें, क्योंकि ऐसी खींचतान कंपनी के भविष्य के फैसलों को प्रभावित कर सकती है।
