Integrated Proteins Limited का FY26 रेवेन्यू घटकर **₹9.94 करोड़** रह गया है। कंपनी अब ऑयलसीड बिजनेस को छोड़कर रियल एस्टेट, सॉफ्टवेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे नए सेक्टर्स में उतर रही है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। FY26 में रेवेन्यू घटकर ₹9.94 करोड़ रह गया, जो कि पिछले साल ₹21.50 करोड़ था। हालांकि, कंपनी ने मामूली प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹0.25 करोड़ के मुकाबले इस बार ₹0.23 करोड़ रहा है।
कारोबार में बड़ा बदलाव (Strategic Pivot)
कंपनी ने अपनी 33वीं एनुअल रिपोर्ट में स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने पुराने ऑयलसीड मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस से पूरी तरह बाहर निकल रही है। अब कंपनी ने जियोमैटिक्स सॉफ्टवेयर, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, इलेक्ट्रिकल अप्लायंसेज और सोलर सिस्टम जैसे क्षेत्रों में कदम रखने की तैयारी की है।
SEBI के नियमों का दायरा
कंपनी का पेड-अप कैपिटल बढ़कर ₹18.71 करोड़ हो गया है, जिसके बाद अब इसे SEBI LODR रेगुलेशन 17 से 27 का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। यह बदलाव 30 जून, 2026 की तिमाही से प्रभावी हो गया है, जिससे कंपनी पर रेगुलेटरी स्क्रूटनी और बढ़ जाएगी।
निवेशकों के लिए जोखिम और चेतावनी
निवेशकों को कंपनी के बोर्ड और मैनेजमेंट में हो रहे बदलावों पर नजर रखनी चाहिए। पिछले साल के दौरान कई डायरेक्टर्स और कंपनी सेक्रेटरीज के इस्तीफे हुए हैं, जो कंपनी में चल रही अस्थिरता की ओर इशारा करते हैं। इसके अलावा, नए और जटिल सेक्टर्स (जैसे इंफ्रा और सॉफ्टवेयर) में काम करने का कंपनी का अनुभव अभी अनिश्चित है। कंपनी ने इस साल कोई डिविडेंड देने की घोषणा भी नहीं की है।
