Insilco Ltd अपनी वॉलंटरी लिक्विडेशन प्रक्रिया के बीच है और फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कंपनी ने **₹2.76 करोड़** (27.63 मिलियन रुपये) का नेट लॉस दर्ज किया है। कंपनी का परिचालन पूरी तरह बंद हो चुका है और अब अंतिम विघटन (dissolution) के लिए NCLT की मंजूरी का इंतजार है।
घाटे के बीच लिक्विडेशन का सफर
Insilco Ltd ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की एनुअल रिपोर्ट जारी कर दी है। कंपनी फिलहाल वॉलंटरी लिक्विडेशन की प्रक्रिया में है। 31 मार्च, 2026 तक कंपनी के पास कुल एसेट ₹5.48 करोड़ (54.81 मिलियन रुपये) के बचे थे। इस दौरान कंपनी का कोई ऑपरेशनल रेवेन्यू नहीं रहा, जिसके चलते कंपनी को ₹2.76 करोड़ का नेट लॉस उठाना पड़ा। इससे पिछले साल यह घाटा ₹2.83 करोड़ था।
क्यों अटका है मामला?
कंपनी के अस्तित्व को समाप्त करने की अंतिम प्रक्रिया चल रही है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में विघटन के लिए आवेदन (CP (IB) No. 87 of 2025) दाखिल किया जा चुका है। हालांकि IBBI, ROC और SEBI से मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से नो-ऑब्जेक्शन रिपोर्ट अभी भी पेंडिंग है, जो अंतिम ऑर्डर के लिए बेहद जरूरी है।
कानूनी चुनौतियां और रिस्क
ऑडिटर्स M/s. Shiv & Associates ने कंपनी पर कुछ सवाल उठाए हैं। कंपनी अब 'गोइंग कंसर्न' (चालू इकाई) के रूप में काम नहीं कर रही है, साथ ही रामपुर लेबर कोर्ट में पूर्व कर्मचारियों का मामला भी कोर्ट में है। 36 पूर्व कर्मचारियों ने VRS (Voluntary Retirement Scheme) के तहत अपने टर्मिनेशन को लेकर दावा किया है, जिसे कंपनी अभी लड़ रही है।
आगे क्या होगा?
कंपनी की 38वीं एनुअल जनरल मीटिंग 10 सितंबर, 2026 को तय की गई है। इसके अलावा, निवेशकों की नजर 12 जून, 2026 को होने वाली NCLT की सुनवाई पर होगी, जहां इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की रिपोर्ट और कंपनी के विघटन पर फैसला लिया जा सकता है।
