Infronics Systems Ltd ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए शून्य रेवेन्यू रिपोर्ट किया है, साथ ही **₹19.13 लाख** का नेट लॉस भी दर्ज किया गया है। ऑडिटर ने कंपनी की कामकाज को लेकर गंभीर चिंता जताई है, जिसके बाद से निवेशकों के लिए रिस्क बढ़ गया है।
संकट में कामकाज
सितंबर तिमाही के नतीजों में कंपनी का कामकाज पूरी तरह ठप नजर आ रहा है। कंपनी के स्टेट्युटरी ऑडिटर्स, M/s R. Subramanian & Company LLP ने वित्तीय नतीजों पर 'एडवर्स कंक्लूजन' (Adverse Conclusion) जारी किया है। यह एक गंभीर रेग्युलेटरी रेड फ्लैग है, जिसका मतलब है कि ऑडिटर अब कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' यानी भविष्य में चलते रहने की क्षमता पर भरोसा नहीं कर रहे हैं।
क्यों बढ़ी मुसीबतें?
कंपनी का मुख्य रेवेन्यू BSNL को दी जाने वाली SMS सर्विस से आता था, जो फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में बंद हो गई और अब तक रिन्यू नहीं हो सकी है। इसके अलावा, कंपनी के बैंक अकाउंट्स फ्रीज हैं और उन पर M/s Mudunuru Limited की ओर से ₹12.05 करोड़ की कानूनी रिकवरी का दावा भी पेंडिंग है।
मैनेजमेंट का क्या है रुख?
इतनी विपरीत परिस्थितियों के बावजूद, कंपनी बोर्ड का दावा है कि वे कामकाज बंद नहीं करेंगे। कंपनी का कहना है कि वे नए टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट्स और R&D अवसरों पर काम कर रहे हैं। साथ ही, Mudunuru Limited के दावों को कानूनी रूप से चुनौती दी जा रही है ताकि बैंक खातों पर लगे प्रतिबंध हटाए जा सकें।
आगे क्या?
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए M/s. R & A Associates को सेक्रेटेरियल ऑडिटर के तौर पर नियुक्त किया है। फिलहाल निवेशकों को कंपनी के कानूनी विवादों और कामकाज बहाल करने की ठोस योजनाओं पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है।
