Infronics Systems Ltd की 26वीं AGM में कंपनी की बदहाली खुलकर सामने आई है। ऑडिटर्स ने 'Disclaimer of Opinion' जारी किया है और कंपनी का कोई एक्टिव बिजनेस नहीं बचा है।
आर्थिक और ऑपरेशनल संकट
कंपनी के ताजा नतीजों के अनुसार, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कंपनी को ₹74.56 लाख का शुद्ध नुकसान हुआ है, जबकि कंपनी की नेट वर्थ ₹260.14 लाख पर आ गई है।
ऑडिटर्स की चेतावनी
हाल ही में संपन्न हुई 26वीं AGM में कंपनी ने माना है कि BSNL के साथ कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद अब उसके पास कोई भी रेवेन्यू जेनरेट करने वाला बिजनेस नहीं बचा है। स्टैच्यूटरी ऑडिटर्स, M/s. R Subramanian and Company LLP ने कंपनी के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर 'Disclaimer of Opinion' जारी किया है, जो सीधे तौर पर कंपनी के भविष्य (Going Concern) पर सवाल खड़ा करता है।
क्यों बढ़ी हैं मुश्किलें?
कंपनी के लिए लिक्विडिटी का संकट बहुत गहरा है। इसके 3 बैंक अकाउंट्स पर डेबिट रिस्ट्रिक्शंस लगे हुए हैं। इसके अलावा, M/s. Mudunuru Limited की ओर से ₹1,205.23 लाख की विवादास्पद लायबिलिटी भी कंपनी पर लटकी हुई है, जो वित्तीय स्थिति को और अधिक कमजोर बना रही है।
गवर्नेंस और अनुपालन (Compliance) में खामियां
Secretarial Audit Report के अनुसार, कंपनी ने बोर्ड रिपोर्ट अप्रूवल के लिए 'e-Form MGT-14' फाइल करने में देरी की है। साथ ही, SEBI के डिपॉजिटरी रेगुलेशन के 'Regulation 74(5)' का भी पालन नहीं किया गया है, जो कंपनी के इंटरनल मैनेजमेंट पर गंभीर सवाल उठाता है।
आगे क्या?
फिलहाल मैनेजमेंट नए टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स तलाशने का दावा कर रहा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस रेवेन्यू प्लान सामने नहीं आया है। निवेशकों को कंपनी के पुनरुद्धार (Revival) प्लान और बैंक अकाउंट्स से जुड़े कानूनी फैसलों पर पैनी नजर रखने की जरूरत है।
