Indus Infra Trust ने **30 सितंबर, 2026** तक की अपनी हाफ-ईयरली वैल्यूएशन रिपोर्ट जारी कर दी है। इसके मुताबिक कंपनी का नेट एसेट वैल्यू (NAV) **₹124.22** प्रति यूनिट तय किया गया है, जिसमें **17** ऑपरेशनल रोड प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
वैल्यूएशन रिपोर्ट की मुख्य बातें
Indus Infra Trust (पूर्व में Bharat Highways InvIT) ने अपनी अनिवार्य हाफ-ईयरली रिपोर्ट दाखिल की है। CA जयेश कुमार शाह द्वारा डिस्काउंटेड कैश फ्लो (DCF) पद्धति का उपयोग करके की गई इस स्वतंत्र वैल्यूएशन में ट्रस्ट के सभी 17 हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) रोड प्रोजेक्ट्स को शामिल किया गया है। इन सभी SPVs की कुल फेयर एंटरप्राइज वैल्यू ₹119,207 मिलियन आंकी गई है।
निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?
कुल 611 मिलियन आउटस्टैंडिंग यूनिट्स के साथ, ₹124.22 का NAV निवेशकों को ट्रस्ट की संपत्ति के प्रदर्शन का एक स्पष्ट आईना दिखाता है। यह वैल्यूएशन सीधे तौर पर कंपनी के रोड इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स की कैश फ्लो जेनरेट करने की क्षमता को दर्शाती है।
कानूनी और टैक्स मामलों की स्थिति
रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी लंबित कानूनी या टैक्स विवाद से होने वाले जोखिम को लेकर मैनेजमेंट पूरी तरह सतर्क है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि GR Infra, KNR और ULCCS जैसे प्रमोटर्स ने इंडेम्निटी (Indemnity) प्रदान की है, जो ट्रस्ट को पुरानी देनदारियों के कारण होने वाले किसी भी बड़े कैश आउटफ्लो से सुरक्षित रखेगी।
आगे की राह
निवेशकों को अब इन 17 HAM प्रोजेक्ट्स के ऑपरेशनल परफॉरमेंस पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यही भविष्य के कैश फ्लो का मुख्य जरिया हैं। ब्याज दरों में बदलाव और ट्रैफिक वॉल्यूम का सीधा असर आने वाली रिपोर्टों पर दिख सकता है।
