Indian Infotech & Software ने अपनी 44वीं AGM की तैयारियों के लिए 3 सितंबर, 2026 को बोर्ड मीटिंग बुलाई है। इसमें कंपनी अपने कर्ज और निवेश की सीमा को बढ़ाकर **₹500 करोड़** करने का प्रस्ताव रखेगी।
बड़े विस्तार की तैयारी
Indian Infotech & Software Limited ने अपने कामकाज के दायरे को बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 3 सितंबर, 2026 को तय की गई है, जिसमें कंपनी के भविष्य के फाइनेंशियल और ऑपरेशनल प्लान्स पर चर्चा होगी।
प्रमुख वित्तीय प्रस्ताव (Key Financial Proposals)
कंपनी अपनी आगामी 44वीं सालाना आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों से निम्नलिखित मंजूरी लेने की तैयारी में है:
- निवेश और लोन सीमा: कंपनी निवेश, लोन और गारंटी की सीमा को बढ़ाकर ₹500 करोड़ करना चाहती है, जो वर्तमान के 'सेक्शन 186' के थ्रेशोल्ड से अधिक है।
- उधार लेने की क्षमता: कंपनी अपनी कर्ज लेने की क्षमता को भी ₹500 करोड़ तक विस्तारित करने का प्रस्ताव पेश करेगी।
- रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन: आपस में जुड़े लेनदेन (Related Party Transactions) के लिए अप्रूवल लिमिट को बढ़ाकर ₹250 करोड़ किया जाएगा।
गवर्नेंस और नियुक्तियाँ
वित्तीय लिमिट्स के अलावा, बोर्ड ऑडिट स्ट्रक्चर की समीक्षा करेगा, जिसमें इंटरनल और स्टेट्यूटरी ऑडिटर्स की नियुक्ति शामिल है। साथ ही, शिल्पी चौरसिया (Shilpi Chourasiya) को फिर से डायरेक्टर के पद पर नियुक्त करने पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा, बोर्ड फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की एनुअल रिपोर्ट्स को भी औपचारिक रूप से अपनाएगा।
इस मीटिंग में कंपनी AGM के लिए पूरी प्रक्रिया तैयार करेगी, जिसमें बुक क्लोजर डेट्स और ई-वोटिंग के लिए स्क्रूटनीजर्स की नियुक्ति जैसे अहम निर्णय लिए जाएंगे।
