IndiaNivesh Ltd के शेयरधारकों ने एमडी राजेश नुवाल को अगले **3** साल के लिए फिर से नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। साथ ही, कंपनी अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी, IndiaNivesh Commodities को बेचने की योजना बना रही है।
लीडरशिप में निरंतरता और रणनीतिक बदलाव
30 सितंबर, 2026 को आयोजित सालाना आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों ने दो अहम फैसलों पर अपनी मुहर लगा दी है। सबसे पहला, राजेश नुवाल अगले 3 साल तक कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर अपनी सेवाएं देते रहेंगे। दूसरा बड़ा फैसला कंपनी के पोर्टफोलियो को साफ-सुथरा बनाने से जुड़ा है।
सब्सिडियरी बेचने की क्या है वजह?
कंपनी ने अपनी पूरी 100% हिस्सेदारी IndiaNivesh Commodities Private Limited (INCPL) से बेचने का निर्णय लिया है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में इस सब्सिडियरी का रेवेन्यू शून्य था और इसकी नेटवर्थ करीब ₹3.87 करोड़ है। इस यूनिट को बेचकर कंपनी अपने ऑपरेशंस को स्ट्रीमलाइन करना चाहती है।
डील का स्टेटस और रिस्क
फिलहाल बोर्ड को इस यूनिट को बेचने का अधिकार तो मिल गया है, लेकिन डील अभी शुरुआती चरण में है। कंपनी ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि खरीदार कौन होगा या सौदे की अंतिम कीमत क्या होगी। डील की शर्तों और समयसीमा पर स्पष्टता आने में अभी समय लग सकता है।
निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि इस divestment का सीधा वित्तीय असर अभी देखने को नहीं मिलेगा, क्योंकि यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगा कि बोर्ड किस कीमत पर और कितनी जल्दी इस यूनिट को बेच पाता है। आगे की अपडेट्स के लिए कंपनी की रेगुलेटरी फाइलिंग पर नजर रखना जरूरी होगा।
