Ind-Swift Laboratories के प्रमोटर ग्रुप ने Essix Biosciences के जरिए **70 लाख** फुली कन्वर्टिबल वारंट्स (Warrants) हासिल किए हैं। इस प्रेफरेंशियल इश्यू के बाद प्रमोटर्स की वोटिंग हिस्सेदारी बढ़कर **47.18%** तक पहुंच सकती है, जो कंपनी के प्रति उनका भरोसा दिखाता है।
प्रमोटर्स का बड़ा दांव
कंपनी ने 17 सितंबर, 2026 को प्रमोटर ग्रुप (Essix Biosciences Limited) को 70 लाख वारंट्स का अलॉटमेंट पूरा किया है। हर वारंट ₹10 फेस वैल्यू वाले एक शेयर में कन्वर्ट हो सकेगा। इसके साथ ही, कंपनी ने ESOPs के जरिए 2,50,000 नए शेयर जारी कर अपनी इक्विटी कैपिटल को बढ़ाकर 8,69,61,558 शेयर कर दिया है।
क्यों अहम है यह फैसला?
प्रमोटर्स का यह कदम कंपनी के भविष्य और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के प्रति उनके भरोसे को दर्शाता है। निवेशकों के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है कि कंपनी के मालिक खुद अपना दांव बढ़ा रहे हैं। कुल फुली डाइल्यूटेड शेयर कैपिटल अब 9,39,61,558 हो गई है। प्रमोटर्स की संभावित वोटिंग पावर अब 43.06% से बढ़कर 47.18% हो जाएगी।
निवेशकों के लिए चेतावनी
हालांकि यह प्रमोटर्स का भरोसा दिखाता है, लेकिन रिटेल निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि भविष्य में जब ये वारंट्स शेयरों में बदलेंगे, तो इक्विटी डाइल्यूशन होगा। इसका सीधा असर कंपनी की अर्निंग पर शेयर (EPS) पर पड़ सकता है। मार्केट की नजर अब इस पर है कि कंपनी इस फ्रेश कैपिटल का इस्तेमाल डेट कम करने में करती है या ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने में।
