Ind Agiv Commerce: भारी नुकसान के साथ बढ़ीं मुश्किलें, प्रमोटर शेयर फ्रीज और कंपनी पर संकट

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Ind Agiv Commerce: भारी नुकसान के साथ बढ़ीं मुश्किलें, प्रमोटर शेयर फ्रीज और कंपनी पर संकट

Ind Agiv Commerce Ltd ने FY 2025-26 के लिए **₹1.29 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। कंपनी गंभीर वित्तीय संकट और रेगुलेटरी नियमों के उल्लंघन में फंसी है, जिसके चलते प्रमोटर के शेयर्स फ्रीज कर दिए गए हैं।

वित्तीय हालात और ऑडिट रिपोर्ट

कंपनी के हालिया फाइनेंशियल नतीजों के अनुसार, मार्च 2026 तक कंपनी का नेट लॉस ₹1.29 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू केवल ₹2.70 करोड़ दर्ज किया गया। स्थिति इतनी खराब है कि ऑडिटर्स ने 'गोइंग कंसर्न' (कंपनी के भविष्य में बने रहने) पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कंपनी की नेट वर्थ पूरी तरह खत्म हो चुकी है और लायबिलिटीज एसेट से कहीं ज्यादा हो गई हैं।

कानूनी और रेगुलेटरी मुसीबतें

कंपनी पर संकट का बड़ा कारण Red Fort Capital Finance Company Private Ltd द्वारा दायर ₹7.77 करोड़ का रिकवरी केस है। इसके अलावा:

  • SEBI Compliance: कंपनी SEBI के कई नियमों का पालन करने में विफल रही है, जिसमें डिजिटल डेटाबेस का रखरखाव और समय पर फॉर्म फाइल न करना शामिल है।
  • देरी: फाइनेंशियल नतीजों को जमा करने में 89 दिनों की देरी हुई है।
  • SCORES: निवेशकों की एक शिकायत अभी भी SEBI के SCORES पोर्टल पर लंबित है।

ऑपरेशनल रिस्क

ऑडिटर्स इन्वेंट्री वैल्यूएशन और फिजिकल एसेट्स की पुष्टि करने में असमर्थ रहे हैं। साथ ही, कंपनी NBFCs को वर्किंग कैपिटल का पेमेंट करने में भी चूक (Default) कर चुकी है। इंटरनल फाइनेंशियल कंट्रोल्स की कमी ने निवेशकों के बीच पारदर्शिता को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।

आगे क्या होगा?

निवेशकों की नजरें अब 30 सितंबर, 2026 को होने वाली 40वीं AGM पर टिकी हैं। यहां डायरेक्टर Lalit Singh Chouhan की दोबारा नियुक्ति और रिकवरी केस के नतीजों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.