Ind Agiv Commerce: FY26 नतीजों में बड़ा खुलासा, ऑडिट में गड़बड़ी और बढ़ते कर्ज से निवेशक परेशान

OTHER
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Ind Agiv Commerce: FY26 नतीजों में बड़ा खुलासा, ऑडिट में गड़बड़ी और बढ़ते कर्ज से निवेशक परेशान

Ind Agiv Commerce Ltd ने FY26 के दौरान **₹1.26 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। कंपनी के नतीजों पर ऑडिटर ने गंभीर सवाल उठाए हैं और **₹3.51 करोड़** के ब्याज व पेनल्टी का जिक्र किया है, जो कंपनी की बैलेंस शीट में दर्ज नहीं हैं।

ऑडिटर्स की कड़ी टिप्पणी

कंपनी के फाइनेंशियल नतीजों में 'क्वालिफाइड ओपिनियन' (Qualified Opinion) दिया गया है। ऑडिटर ने खुलासा किया है कि ₹3.51 करोड़ का ब्याज और पेनल्टी बकाया है, जिसे कंपनी ने अपनी किताबों में नहीं दिखाया है। इसके अलावा, 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी वैधानिक भुगतान (statutory dues) में भी डिफॉल्ट कर चुकी है। सबसे बड़ी चिंता का विषय Axis Bank के अकाउंट पर इनकम टैक्स विभाग द्वारा लगाई गई ' lien' (जब्ती) है।

अकाउंटिंग सिस्टम पर सवाल

ऑडिटर ने कंपनी के लेखा-जोखा रखने के तरीके पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। बताया गया है कि कंपनी का ERP सिस्टम ट्रांजैक्शन लॉग्स का सही हिसाब नहीं रख रहा और अधिकांश अकाउंटिंग मैनुअल तरीके से स्प्रेडशीट पर की जा रही है, जो पारदर्शिता पर बड़े प्रश्नचिह्न लगाती है।

वित्तीय हालत का ब्यौरा

कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹3.90 करोड़ से घटकर इस फाइनेंशियल ईयर में ₹2.58 करोड़ रह गया है। हालांकि नेट लॉस पिछले साल के ₹1.90 करोड़ की तुलना में घटकर ₹1.26 करोड़ रहा है, लेकिन बढ़ते कर्ज और ऑपरेशनल अस्थिरता के कारण स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है।

मैनेजमेंट का क्या है रुख?

मैनेजमेंट का कहना है कि ₹3.51 करोड़ की देनदारी अभी आर्बिट्रेशन (मध्यस्थता) के अधीन है और उन्हें उम्मीद है कि यह राशि माफ हो जाएगी। टैक्स रिकवरी के मामले पर कंपनी ने रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की बात कही है। कंपनी फिलहाल कोई भी नया प्रोजेक्ट नहीं ले रही है और पूरी तरह से कर्जदारों के साथ सेटलमेंट करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.