Icon Facilitators Ltd के शेयरधारकों ने कंपनी के नए 'ESOS 2026' स्कीम को भारी बहुमत के साथ मंजूरी दे दी है। पोस्टल बैलट के जरिए हुए मतदान में **99.97%** वोट स्कीम के पक्ष में पड़े हैं, जिससे कंपनी अब अपने कर्मचारियों को शेयर विकल्प (stock options) जारी कर सकेगी।
भारी बहुमत से मिला साथ
कंपनी ने 3 सितंबर, 2026 को पोस्टल बैलट प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया, जिसमें दो स्पेशल प्रस्तावों को भारी समर्थन मिला। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी इंडिपेंडेंट स्क्रूटिनाइजर Raghav Bansal & Associates ने की। इस वोटिंग के दौरान कुल 55,49,600 वैध वोट डाले गए।
क्यों अहम है यह कदम?
इस मंजूरी के बाद कंपनी का बोर्ड अब योग्य कर्मचारियों को स्टॉक ऑप्शन अलॉट करने के लिए अधिकृत हो गया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शेयरधारकों ने उन विशिष्ट व्यक्तियों को भी विकल्प जारी करने की अनुमति दे दी है, जिन्हें 1% से ज्यादा का इश्यू किया गया शेयर कैपिटल मिल सकता है। यह कदम टैलेंट को कंपनी के साथ लंबे समय तक जोड़े रखने के लिए एक रणनीतिक टूल के रूप में काम करेगा।
गवर्नेंस और डेटा
पूरी वोटिंग प्रक्रिया रिमोट ई-वोटिंग के माध्यम से आयोजित की गई थी। 31 जुलाई, 2026 की कट-ऑफ तारीख के अनुसार, कंपनी की पेड-अप इक्विटी कैपिटल ₹7.86 करोड़ थी, जिसमें ₹10 फेस वैल्यू वाले 78,59,600 शेयर शामिल हैं।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risk Factors)
मौजूदा निवेशकों को इस योजना के लॉन्ग-टर्म असर पर नजर रखनी चाहिए। जैसे-जैसे ये विकल्प वेस्ट (vest) होंगे और शेयर जारी किए जाएंगे, इससे कंपनी की अर्निंग्स पर शेयर (EPS) पर असर पड़ सकता है और इक्विटी डाइल्यूशन का जोखिम भी बना रहेगा।
आने वाले समय में अब इस बात पर नजर रहेगी कि कंपनी कितने ऑप्शन जारी करती है और इसके लिए क्या शर्तें (vesting schedules) तय की जाती हैं।
