IRB InvIT Fund ने अपनी विकास योजनाओं को रफ्तार देते हुए **₹2,351 करोड़** की भारी-भरकम राशि जुटाई है। यह फंड कंपनी दो प्रमुख हाईवे एसेट्स को खरीदने और अपने पोर्टफोलियो को **11** ऑपरेशनल प्रोजेक्ट्स तक ले जाने में करेगी।
फंड जुटाने की रणनीति
IRB InvIT Fund ने यह फंड मुख्य रूप से दो बड़े जरियों से हासिल किया है। इसमें ₹2,000 करोड़ का क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) और ₹351 करोड़ का प्रिफरेंशियल अलॉटमेंट शामिल है, जो कंपनी के स्पॉन्सर 'IRB Infrastructure Developers Ltd' को जारी किया गया है। इन यूनिट्स को ₹63 प्रति यूनिट के भाव पर जारी किया गया है। इस राउंड में पेंशन फंड, इंश्योरेंस कंपनियों और म्यूचुअल फंड्स ने काफी दिलचस्पी दिखाई है, जिसमें Anahera Investment, Arvesta Financial Services और ICICI Pension Fund जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
पोर्टफोलियो में बड़ा इजाफा
जुटाई गई रकम का इस्तेमाल सोलापुर-येदेशी (NH211) और चित्तौड़गढ़-गुलाबपुरा (NH79) हाईवे प्रोजेक्ट्स के अधिग्रहण के लिए किया जाएगा। इसके बाद, ट्रस्ट का कुल इंफ्रास्ट्रक्चर दायरा 5,314 लेन किलोमीटर तक पहुंच जाएगा। अब कंपनी के पास कुल 11 ऑपरेशनल एसेट्स हो गए हैं, जिनमें 9 BOT और 2 HAM प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। इस विस्तार के साथ ही कंपनी का एंटरप्राइज वैल्यू ₹20,000 करोड़ के पार निकल गया है।
निवेशकों के लिए जोखिम और आगे की राह
इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) होने के नाते, इसके भविष्य के कैश फ्लो काफी हद तक टोल रोड्स पर ट्रैफिक की आवाजाही पर निर्भर करते हैं। साथ ही, ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव का असर भी सीधे तौर पर डिस्ट्रीब्यूशन यील्ड पर पड़ सकता है। निवेशकों के लिए अब अगले कुछ महीनों में आने वाले डिस्ट्रीब्यूशन अनाउंसमेंट्स पर नजर रखना जरूरी होगा, जिससे यह साफ हो पाएगा कि इस बड़े अधिग्रहण का प्रति यूनिट यील्ड पर क्या असर पड़ा है।
