IRB InvIT Fund ने अपना ओमलुर-सेलम-नमकल (M.V.R.) प्रोजेक्ट आधिकारिक तौर पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को सौंप दिया है। यह हैंडओवर **1 सितंबर, 2026** को कंसेशन पीरियड खत्म होने के बाद हुआ है, जो कि एक पहले से तय प्रक्रिया है।
प्रोजेक्ट का अंत और हैंडओवर
IRB InvIT Fund का ओमलुर-सेलम-नमकल (M.V.R.) प्रोजेक्ट के साथ परिचालन संबंध आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है। एग्रीमेंट के मुताबिक, कंसेशन पीरियड 1 सितंबर, 2026 को पूरा होने के बाद, प्रोजेक्ट की SPV यानी M.V.R. Infrastructure and Tollways Limited ने हाईवे और उससे जुड़ी संपत्तियों को NHAI के सुपुर्द कर दिया है।
निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?
यह कोई आर्थिक संकट या चिंता की बात नहीं है, बल्कि एक मानक प्रक्रिया है। इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (InvITs) एक निश्चित समय के लिए एसेट्स ऑपरेट करते हैं, जिसके पूरा होने पर एसेट सरकार को वापस कर दिया जाता है। इस हैंडओवर के बाद अब ट्रस्ट को NH-44 के इस सेक्शन से कोई भी टोल रेवेन्यू (Toll Revenue) नहीं मिलेगा।
आगे का रास्ता
अब IRB InvIT Fund के पोर्टफोलियो में यह एसेट शामिल नहीं रहेगा। भविष्य की फाइनेंशियल रिपोर्टिंग में इस प्रोजेक्ट से मिलने वाली आय अब नहीं दिखाई देगी। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि यह एक प्री-प्रोग्राम्ड इवेंट है, जो टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर मॉडल का हिस्सा है। अब ट्रस्ट के पास बचे हुए पोर्टफोलियो और नए एसेट अधिग्रहण की संभावनाओं पर ही भविष्य का डिस्ट्रीब्यूशन निर्भर करेगा।
