IRB Infrastructure Developers ने Q2 FY27 के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के **₹140.82 करोड़** से उछलकर **₹260.32 करोड़** पर पहुंच गया है। साथ ही, कंपनी ने प्रति शेयर **₹0.05** का डिविडेंड भी घोषित किया है।
मुनाफे में बड़ा उछाल
कंपनी के ऑपरेशनल रेवेन्यू में भी अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है, जो पिछले साल के ₹1,751.02 करोड़ से बढ़कर ₹1,897.09 करोड़ हो गया है। मुनाफे में यह बड़ी छलांग कंपनी की मजबूत ऑपरेशनल स्ट्रेंथ को दर्शाती है।
डिविडेंड और कैपिटल रीसाइकिलिंग
कंपनी ने ₹1 फेस वैल्यू वाले शेयर पर ₹0.05 का दूसरा अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 12 नवंबर, 2026 तय की गई है और पेमेंट 4 दिसंबर, 2026 तक कर दी जाएगी। इसके अलावा, कंपनी ने दो BOT (Build, Operate, Transfer) एसेट्स को प्राइवेट InvIT से पब्लिक InvIT में ट्रांसफर किया है, जिससे ₹2,744 करोड़ की कैपिटल अनलॉक हुई है।
मैनेजमेंट की राय
कंपनी के चेयरमैन और MD वीरेंद्र डी. म्हाइसकर ने इस सफलता का श्रेय पोर्टफोलियो में ट्रैफिक की डिमांड और उनकी 'BEST' स्ट्रैटेजी को दिया है। मैनेजमेंट ने FY2030 तक एसेट बेस को ₹1,400 बिलियन तक ले जाने का लक्ष्य रखा है।
आगे के लिए क्या है संकेत?
निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि कंपनी इस अनलॉक हुई ₹2,744 करोड़ की राशि का इस्तेमाल कैसे करती है। भविष्य में नए BOT या HAM प्रोजेक्ट्स की पाइपलाइन इस ग्रोथ को बरकरार रखने के लिए सबसे अहम होगी।
