Hitech Corporation की वॉलंटरी डिलिस्टिंग प्रक्रिया सफल रही है। कंपनी ने **90%** की जरूरी थ्रेशोल्ड को पार कर लिया है और अब शेयर का डिस्कवर्ड प्राइस (Discovered Price) **₹425** प्रति शेयर तय किया गया है।
डिलिस्टिंग की रेस में बड़ी कामयाबी
Hitech Corporation लिमिटेड ने अपनी वॉलंटरी डिलिस्टिंग के लिए रिवर्स बुक बिल्डिंग प्रोसेस (RBBP) पूरा कर लिया है, जो 7 अक्टूबर से 13 अक्टूबर 2026 तक चला था। इस ऑफर को प्रमोटर ग्रुप की कंपनी Geetanjali Trading and Investments Private Limited लीड कर रही थी।
दिलचस्प बात यह है कि शेयर का डिस्कवर्ड प्राइस ₹425 पर आकर रुका है, जो इसके फ्लोर प्राइस (₹252) और इंडिकेटिव प्राइस (₹353) से काफी ज्यादा है। इस प्रक्रिया के बाद प्रमोटरों की कुल हिस्सेदारी बढ़कर 92.67% हो गई है।
क्यों अहम है यह कदम?
शेयर बाजार से बाहर होने के लिए किसी भी कंपनी को 90% का जादुई आंकड़ा पार करना अनिवार्य होता है। इस ऑफर में 34,16,208 शेयर सफलतापूर्वक टेंडर किए गए हैं, जिसके साथ ही SEBI के नियमों के मुताबिक कंपनी ने डिलिस्टिंग की शर्त पूरी कर ली है। अब कंपनी धीरे-धीरे एक प्राइवेट एंटिटी में तब्दील होने की ओर बढ़ रही है।
आगे क्या होगा?
अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि क्या एक्वायरर इस डिस्कवर्ड प्राइस को औपचारिक मंजूरी देता है। एक बार मंजूरी मिलने के बाद, सफल बोलीदाताओं को BSE Clearing Limited के जरिए पेमेंट किया जाएगा। जिन निवेशकों ने अपने शेयर नहीं बेचे या जिनकी बोली डिस्कवर्ड प्राइस के दायरे से बाहर थी, उनके डीमैट अकाउंट से 'lien' हटा दिया जाएगा।
निवेशकों को अब कंपनी की पोस्ट-ऑफर पब्लिक अनाउंसमेंट का इंतजार करना चाहिए, जिसमें पेमेंट की तारीख और आधिकारिक डिलिस्टिंग डेट की जानकारी दी जाएगी।
