Hindustan Zinc Limited ने कर्नाटक सरकार से मल्लयनापुर में **314.21 हेक्टेयर** का माइनिंग ब्लॉक हासिल करने के लिए 'लेटर ऑफ इंटेंट' (LoI) प्राप्त कर लिया है। यह कदम कंपनी के लिए बेहद अहम है, क्योंकि अब वह जिंक और सिल्वर के अलावा Rare Earth Elements और Yttrium जैसे क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में अपना विस्तार कर रही है।
माइनिंग की नई राह
Hindustan Zinc Limited ने गुंडलूपेट ब्लॉक के लिए सफलतापूर्वक बिडिंग प्रक्रिया पूरी कर ली है। कर्नाटक सरकार ने इसे आधिकारिक तौर पर चामराजनगर डिस्ट्रिक्ट में माइनिंग लीज के लिए मंजूरी दी है। यह 'मिनरल ऑक्शन रूल्स 2015' के तहत हासिल की गई एक महत्वपूर्ण जीत है, जो कंपनी के पोर्टफोलियो को मजबूती देगी।
क्यों है यह कदम इतना खास?
अब तक Hindustan Zinc का पूरा कारोबार मुख्य रूप से लेड, जिंक और सिल्वर पर केंद्रित रहा है। लेकिन अब, Rare Earth Elements और Yttrium के क्षेत्र में उतरकर कंपनी ने डिफेंस, ग्रीन एनर्जी और हाई-टेक सेक्टर की बढ़ती ग्लोबल डिमांड को भुनाने की बड़ी तैयारी की है। यह डायवर्सिफिकेशन कंपनी को मेटल प्राइस साइकिल के जोखिम से बचाने में मददगार साबित होगा।
निवेशक इन रिस्क पर रखें नजर
याद रखें, फिलहाल यह सिर्फ शुरुआती स्टेज (LoI) है। माइनिंग शुरू करने से पहले कंपनी को अभी कई कड़े रेगुलेटरी पड़ावों से गुजरना होगा। इसमें माइनिंग लीज डीड का निष्पादन और केंद्र व राज्य सरकार से मिलने वाली पर्यावरण और वन मंजूरी (Environmental & Forest Clearances) शामिल हैं। इन कानूनी प्रक्रियाओं में समय लग सकता है।
आगे क्या होगा?
अगला बड़ा अपडेट लीज डीड पर साइन होने के बाद आएगा। निवेशकों को अब कंपनी की तरफ से आने वाली उन डिस्क्लोजर रिपोर्ट पर नजर रखनी चाहिए, जिनमें परमिट के टाइमलाइन और गुंडलूपेट साइट की इकोनॉमिक वायबिलिटी का जिक्र होगा।
